नाहन : हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के नाहन यूनिट के सभी कर्मचारियों ने आज एकत्रित होकर सरकार और प्रबंधन के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया। मैकेनिकल स्टाफ, ड्राइवर, कंडक्टर और ऑफिस स्टाफ सहित हर वर्ग के कर्मचारी ने एक सुर में समय पर वेतन न मिलने और करोड़ों के वित्तीय भत्ते लंबित होने पर गंभीर चिंता जताई है।
कर्मचारियों ने साफ शब्दों में सरकार और निगम प्रबंधन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 1 तारीख शाम 5:00 बजे तक उनके खातों में सैलरी नहीं डाली गई, तो उसी रात 12:00 बजे से पूरे प्रदेश में बसों के पहिये थम जाएंगे। सभी कर्मचारी पूरी तरह से कार्य बंद कर देंगे और जब तक सैलरी नहीं आती, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। इसके अगले दिन यानी 2 तारीख से टेक्निकल और मैकेनिकल स्टाफ भी पूरी तरह ‘टूल डाउन’ (Tool Down) हड़ताल पर चला जाएगा।

मीडिया से रूबरू होते हुए कर्मचारी नेताओं ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “हमसे बैलों की तरह काम लिया जा रहा है। नाहन डिपो में 2200 पोस्टों की जगह सिर्फ 1100 कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। छह-सात प्रकार के बस मॉडल्स को यह स्टाफ संभाल रहा है, लेकिन इसके बावजूद हमें सौतेला व्यवहार मिल रहा है।”
कर्मचारियों का कहना है कि वे पूरी तरह अपने वेतन पर निर्भर हैं। समय पर सैलरी न मिलने से बैंक की किस्तें बाउंस हो रही हैं, बच्चों की स्कूल फीस देने और घर का राशन पानी चलाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि नाइट ओवर टाइम (जो करीब 120 करोड़ रुपये लंबित है), मेडिकल रीइम्बर्समेंट और एरियर जैसी करोड़ों की देनदारियां लंबे समय से अटकी पड़ी हैं।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका किसी अधिकारी या सरकार से व्यक्तिगत गिला-शिकवा नहीं है, वे सिर्फ अपने हक की कमाई समय पर चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस अल्टीमेटम के बाद क्या कदम उठाती है, ताकि जनता को होने वाली भारी परेशानी से बचाया जा सके।