शिमला: हिमाचल प्रदेश में जारी निकाय और पंचायती राज चुनावों की गहमागहमी के बीच कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए अपनी चुनावी बिसात बिछा दी है। प्रदेश सरकार में वरिष्ठ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल के सुपुत्र रिटायर्ड कर्नल (डॉ.) संजय शांडिल को कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग का प्रदेश वाइस चेयरमैन (उपाध्यक्ष) नियुक्त किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषक इस नियुक्ति को सैनिक बाहुल्य हिमाचल प्रदेश में पूर्व सैनिकों के एक बड़े वोट बैंक को साधने और संगठन को नई ऊर्जा देने की दिशा में कांग्रेस का एक मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में नगर निगम और पंचायतों के चुनाव चल रहे हैं। प्रदेश के हजारों परिवार सीधे तौर पर सेना से जुड़े हैं। कांग्रेस का यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की नींव माना जा रहा है।
कर्नल संजय शांडिल को संगठन सृजन अभियान को गति देने और पार्टी की विचारधारा को ग्रामीण स्तर तक ले जाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपनी नियुक्ति के बाद कर्नल (डॉ.) संजय शांडिल ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताएं पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के अधिकारों व समस्याओं को हर मंच पर मजबूती से उठाना। कांग्रेस की नीतियों और लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए युवाओं और पूर्व सैनिकों का एक संयुक्त नेटवर्क तैयार करना होगा ।
कर्नल संजय शांडिल न केवल एक प्रतिष्ठित सैन्य अधिकारी रहे हैं, बल्कि उनके पास चिकित्सा क्षेत्र (डॉक्टर) का भी अनुभव है। उनके पिता डॉ. धनीराम शांडिल की प्रदेश की राजनीति में एक साफ-सुथरी और कद्दावर छवि है। ऐसे में कर्नल संजय की एंट्री से पार्टी को शिक्षित, अनुशासित और अनुभवी नेतृत्व मिला है, जो विपक्षी दलों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस नियुक्ति से न केवल पूर्व सैनिक समुदाय पार्टी के करीब आएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ और अधिक मजबूत होगी।