नाहन : ऐतिहासिक शहर नाहन के स्थानीय बाज़ारों में इन दिनों पारंपरिक देसी और जंगलों में पाई जाने वाली विशेष सब्जियों की आवक देखने को मिल रही है। बनेठी के गाँव से आए दिल्ली गेट पर सब्जी विक्रेता ने बताया कि इन दिनों खेतों के साथ-साथ जंगलों में उगने वाली दुर्लभ व पौष्टिक सब्जियाँ बाज़ार में पहुँच रही हैं। यह मौसमी सब्जियाँ मुख्य रूप से इन्हीं दिनों में उपलब्ध होती हैं, जिन्हें खरीदने के लिए स्थानीय लोग खासी रुचि दिखा रहे हैं।
ये जंगली और मौसमी सब्जियाँ केवल स्वाद में ही लाजवाब नहीं होतीं, बल्कि सेहत के दृष्टिकोण से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से जंगलों में उगने के कारण ये रसायन एवं कीटनाशक मुक्त (Organic) होती हैं। आयुर्वेद और स्थानीय परंपराओं के अनुसार, जंगली करेला और अन्य मौसमी सब्जियाँ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, रक्त को साफ करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में मददगार होती हैं। साल में केवल कुछ ही हफ्ते उपलब्ध होने के कारण इनकी मांग बाज़ार में सबसे ज़्यादा रहती है।

बाज़ार में उपलब्ध नई और स्थानीय सब्जियों के दामों की बात करें तो जंगली व देसी करेले ₹50 से लेकर ₹100 प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिक रहे हैं। इसके अलावा गाँव में ही उगाया गया ताज़ा देसी खीरा ₹40 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। विक्रेता के अनुसार, वे हर साल इसी सीज़न में अपने गाँव का देसी खीरा और ये पारंपरिक सब्जियाँ बाज़ार में बिक्री के लिए लाते हैं।
अन्य सब्जियों की आवक के विषय में विक्रेता ने जानकारी दी कि बीन्स, लौकी, कद्दू, हरा धनिया, मिर्च और टमाटर जैसी आम सब्जियाँ भी बाज़ार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। पिछले दो दिनों से टमाटर के दामों में थोड़ा उछाल आया है और यह ₹50 प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, जबकि इससे पहले यह ₹30 से ₹40 प्रति किलो बिक रहा था। फिलहाल बाज़ार में अन्य सामान्य सब्जियों के भाव ₹30, ₹40 से लेकर ₹60 प्रति किलो के बीच बने हुए हैं, जो कि मध्यम स्तर पर हैं।
आगामी दिनों में सब्जियों के दामों के रुझान पर बात करते हुए विक्रेता ने बताया कि आने वाले त्योहारों और दीवाली के सीज़न को देखते हुए दामों में तेज़ी आने की पूरी संभावना है। विशेषकर टमाटर और अन्य मुख्य सब्जियों की मांग बढ़ने के साथ-साथ इनके भाव में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।