नाहन : मानवता की सेवा और रक्तदान के क्षेत्र में निरंतर अग्रसर रहने वाली संस्था ‘ड्रॉप्स ऑफ होप सोसाइटी नाहन’ ने सितंबर माह (01 सितंबर से 30 सितंबर ) की अपनी मासिक रिपोर्ट जारी की है। संस्था के सदस्यों और समर्पित रक्तदाताओं ने एक महीने के भीतर कुल 59 यूनिट रक्तदान डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन में संपन्न कराया गया, जबकि विभिन्न राज्यों के बड़े अस्पतालों में भर्ती जिला सिरमौर व अन्य क्षेत्रों के मरीजों के लिए दर्जनों यूनिट्स रक्त और प्लेटलेट्स का प्रबंध किया गया।
सोसाइटी के माध्यम से सितंबर माह में नाहन मेडिकल कॉलेज में कुल 59 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। इसमें विभिन्न दुर्लभ व आवश्यक ब्लड ग्रुप शामिल रहे। आंकड़ों के अनुसार, A पॉजिटिव की 10 यूनिट, O पॉजिटिव की 9 यूनिट, AB नेगेटिव की 2 यूनिट, B पॉजिटिव की 9 यूनिट, AB पॉजिटिव की 2 यूनिट और B नेगेटिव की 2 यूनिट रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया गया।

नाहन के अलावा, संस्था के सदस्यों ने हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के प्रमुख अस्पतालों में पहुंचकर जीवन रक्षक सहायता प्रदान की। इस कड़ी में पवनजीत सिंह ने पीजीआई चंडीगढ़ जाकर O पॉजिटिव रक्तदान किया, जबकि वीरेंद्र ने अलकेमिस्ट अस्पताल पंचकूला पहुंचकर O नेगेटिव के प्लेटलेट्स दान किए। इसके साथ ही एम.एम.यू. मौलाना मेडिकल कॉलेज (हरियाणा) में लखविंदर सिंह ने AB पॉजिटिव रक्तदान कर मरीज की सहायता की।
संस्था के अध्यक्ष सलमान खान ने पीजीआई चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में 3 यूनिट्स आपातकालीन रक्त की मांग को पूरा कराया। वहीं, अखिल माहेश्वरी ने मोहाली और पंचकुला के अस्पतालों में उपचाराधीन जिला सिरमौर के मरीजों के लिए 3 यूनिट्स रक्त की व्यवस्था की।
कपिल नेगी ने आईजीएमसी शिमला में 2 यूनिट A नेगेटिव, पीजीआई चंडीगढ़ में 4 यूनिट AB पॉजिटिव और हिमालयन अस्पताल जॉली ग्रांट देहरादून में 2 यूनिट O नेगेटिव रक्त की अत्यंत आपातकालीन आवश्यकता को पूरा कराया। इसके अलावा नदीम खान ने देहरादून में 2 यूनिट, देव अत्री ने मोहाली में 2 यूनिट और रमन सोढ़ी ने चंडीगढ़ में 2 यूनिट रक्तदान कराया। साहिल ने आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन सिरमौर के मरीजों के लिए 2 यूनिट रक्तदान संपन्न कराया।
संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि यह पूरी उपलब्धि सभी सदस्यों के निस्वार्थ सहयोग और दिन-रात की मेहनत का परिणाम है। ऑफ होप सोसाइटी का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी मरीज की जान समय पर रक्त न मिलने के कारण न जाए। संस्था ने भविष्य में भी इसी निष्ठा और ऊर्जा के साथ मानव सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया है।