नाहन में बंदरों का आतंक जारी: स्कूल से घर लौट रहे छात्र पर हमला, पैर में आया फ्रैक्चर

नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में बंदरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। ताजा घटनाक्रम में शहर के रानीताल क्षेत्र में बंदरों के एक झुंड ने स्कूल से घर लौट रहे आठवीं कक्षा के छात्र पर जानलेवा हमला कर दिया। बंदरों के खौफ से बचने के प्रयास में सड़क पर गिरे छात्र के पैर में गंभीर फ्रैक्चर आया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला वैभव पुत्र आदर्श दोपहर के समय स्कूल से छुट्टी होने के बाद अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह रानीताल के छोटे गेट के समीप पहुँचा, वहां पहले से मौजूद बंदरों के एक झुंड ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और उस पर हमला कर दिया।

बंदरों को अपनी ओर झपटते देख बच्चा बुरी तरह घबरा गया और खुद को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ा। गिरने की वजह से उसके पैर में गंभीर चोट आई। गनीमत यह रही कि आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाकर बंदरों को वहां से खदेड़ा, अन्यथा बंदर बच्चे को और अधिक नुकसान पहुँचा सकते थे।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचित किया और घायल छात्र को डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद पुष्टि की कि गिरने के कारण बच्चे के पैर की हड्डी टूट गई है। डॉक्टरों ने वैभव के पैर पर प्लास्टर चढ़ा दिया है और फिलहाल उसका उपचार जारी है।

इस घटना के बाद नाहन के निवासियों में प्रशासन और वन विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब बच्चों और बुजुर्गों का अकेले घर से निकलना दूभर हो गया है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग केवल कागजी दावों के बजाय धरातल पर बंदरों को पकड़ने या उनकी नसबंदी करने का ठोस अभियान चलाए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को इस तरह का शिकार न होना पड़े।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।