नाहन : शहर में आवारा और बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने जानकारी देते हुए बताया कि इसी कड़ी में आज नगर परिषद नाहन क्षेत्र से 7 आवारा पशुओं को सुरक्षित रूप से कोटला बड़ोग स्थित गौशाला भेजा गया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा शेष पशुओं को कोटला बड़ोग और हांडा कुंडी (नालागढ़) स्थित बुल सेंचुरी भेजा जाएगा।
एसडीएम राजीव संख्यान ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए पशुपालन विभाग (वेटरनरी डिपार्टमेंट), नगर परिषद की टीम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है।

कार्रवाई के दौरान 3 ऐसे पशु भी पाए गए जिन पर टैग लगे हुए थे, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि लोगों ने अपने पालतू पशुओं को दूध निकालने के बाद सड़कों पर आवारा छोड़ दिया था। एसडीएम ने बताया कि ऐसे गैर-जिम्मेदार पशु मालिकों की पहचान कर ली गई है। इनमें नौणी क्षेत्र के रहने वाले रमेश चंद और रजत सैनी तथा वार्ड नंबर 13 के निवासी राजकुमार शामिल हैं।
एसडीएम राजीव संख्यान ने नगर परिषद को निर्देश दिए हैं कि इन तीनों पशु मालिकों के खिलाफ ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ (Cruelty to Animals Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई जाए। इसके साथ ही एसएचओ नाहन को इनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और सजा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम ने शहर के अन्य सभी पशुपालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें। यदि भविष्य में भी कोई व्यक्ति अपने पशुओं को आवारा छोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।