सोलन: नालागढ़ उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजैहरा में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान आपदा प्रबंधन को लेकर एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ को प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं के समय त्वरित बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल आपदा प्रबंधन कमेटी के प्रभारी एवं डीपीई जसपाल जी ने प्रार्थना सभा में आपदा प्रबंधन के तहत गठित 7 विभिन्न कमेटियों से सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इन कमेटियों के प्रभारी और सदस्य कौन-कौन हैं तथा आपदा की स्थिति में प्रत्येक कमेटी के क्या-क्या दायित्व रहेंगे।
इसके पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों को बाढ़, भूकंप और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने घरेलू दुर्घटनाओं से बचाव की जानकारी देते हुए बताया कि यदि घर में गैस सिलेंडर में आग लग जाए, तो उसे किस प्रकार बुझाया जाना चाहिए और किस अग्निशमन यंत्र का प्रयोग करना चाहिए।
जसपाल ने बच्चों को समझाया कि भूकंप आने पर अपने सिर और शरीर का बचाव किस प्रकार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जब भी भूकंप के झटके महसूस हों और अंदर से बाहर निकलना हो, तो दौड़ने के बजाय सुरक्षित तरीके से किसी खुले मैदान या आंगन में जाकर खड़े होना चाहिए। ध्यान रहे कि ऐसी जगह रुकें जहाँ आसपास बिजली की तारें, खंभे या बड़े पेड़ न हों।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता जी ने भी प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आपदा प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय हमेशा जागरूक और सतर्क रहना चाहिए। जैसे ही किसी आपदा का आभास हो, तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर निकलना चाहिए और अपना व दूसरों का बचाव करना चाहिए।
आपातकालीन स्थिति को दर्शाने के लिए एक लंबी घंटी बजाई गई, जिसके तुरंत बाद छात्र अनुशासित तरीके से अपनी कक्षाओं से निकलकर खुले मैदान में पहुंचे। मॉक ड्रिल के दौरान घायल हुए छात्रों का रूप धरे बच्चों को स्ट्रेचर और पीठ पर उठाकर मैदान तक लाया गया। वहां खड़ी गाड़ी के माध्यम से उन्हें त्वरित प्राथमिक उपचार प्रदान करने का जीवंत अभ्यास किया गया। इस पूरी मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम के दौरान स्कूल प्रधानाचार्या सहित समस्त शिक्षक व गैर-शिक्षक स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।