सोलन : हिमाचल प्रदेश के परवाणू में एक बार फिर बाहरी राज्य के पर्यटकों या युवकों द्वारा स्थानीय लोगों और सरकारी कर्मचारियों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। रामपुर डिपो की अंबाला जा रही HRTC बस के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ परवाणू बाईपास पर न केवल गाली-गलौज की गई, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, रामपुर डिपो के परिचालक मनजीत सिंह और चालक जब अपनी बस लेकर अंबाला जा रहे थे, तो परवाणू बाईपास के पास एक स्पीड ब्रेकर पर चालक ने नियम के तहत ब्रेक लगाई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक पंजाब नंबर की कार (PB 10DF 0774) ने नियंत्रण खो दिया और बस के पिछले हिस्से से जा टकराई।

परिचालक मनजीत सिंह ने आपबीती बताते हुए कहा “जब मैं और मेरा चालक नुकसान देखने के लिए बस से नीचे उतरे, तो कार सवार दो युवक तुरंत नीचे आए और बिना किसी बात के गाली-गलौज करने लगे। जब हमने विरोध किया तो उन्होंने हमारे साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। गलती पूरी तरह से कार चालक की थी, क्योंकि स्पीड ब्रेकर पर ब्रेक लगाना लाजमी था और पीछे चल रही गाड़ी का फर्ज बनता है कि वह सुरक्षित दूरी बनाए रखे।”
परिचालक ने बताया कि गनीमत यह रही कि उसी समय वहां से पुलिस कर्मचारी आशीष गुजर रहे थे। उन्होंने बीच-बचाव कर दोनों कर्मचारियों को कार सवार युवकों के चंगुल से छुड़ाया। अगर समय रहते पुलिसकर्मी वहां नहीं पहुंचता, तो ड्राइवर और कंडक्टर के साथ कोई बड़ी अनहोनी घट सकती थी।
इस कायरतापूर्ण घटना के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम के विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने तीखा रोष व्यक्त किया है। संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी के नंबर के आधार पर दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।