शिमला: कामना पूर्णी गौशाला में शरद पूर्णिमा, माल पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती धूमधाम से आयोजित

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By पंकज जयसवाल

शिमला : श्री कामना पूर्णी गौशाला टुटु, शिमला में शरद पूर्णिमा, माल पूर्णिमा तथा महर्षि वाल्मीकि जयंती का पावन पर्व संयुक्त रूप से बड़े उत्साह व धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए भारतीय गौ रक्षण एवं संवर्धन परिषद (हिमाचल प्रदेश इकाई, शिमला) के संयुक्त सचिव रतिराम शर्मा ने बताया कि इस विशेष समारोह में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद और कामना पूर्णी गौशाला समिति के प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि रामेश्वर ठाकुर ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार द्वारा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 11-क के अंतर्गत बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए जारी अधिसूचनाओं का स्वागत किया। उन्होंने पशुपालन और पंचायती राज विभाग द्वारा उठाए गए इन कदमों की सराहना करते हुए इसके व्यापक जन-जागरण अभियान पर जोर दिया। ठाकुर ने उम्मीद जताई कि इन सख्त नियमों के लागू होने से राज्य में सड़कों, जंगलों और सार्वजनिक स्थानों पर गोवंश को बेसहारा छोड़ने की प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने बेसहारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए इस प्रकार के कानूनी नियम बनाए हैं। इस संदर्भ में उन्होंने भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष श्री अनिल सरस्वती के निरंतर प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कार्यक्रम में कामना पूर्णी गौशाला टुटु की सचिव ऊषा गर्ग ने शरद पूर्णिमा के सांस्कृतिक व स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में गाय के दूध से बनी खीर को चांदी के बर्तन में रखने की परंपरा है। उन्होंने वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि गोदुग्ध, चांदी के पात्र और चंद्रमा की अमृत किरणों के संयोजन से ऐसे गुण विकसित होते हैं जो असाध्य रोगों के उपचार में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

वहीं, भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद के अध्यक्ष ललित शर्मा ने माल पूर्णिमा की स्थानीय परंपराओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिमला, सिरमौर और सोलन क्षेत्रों में माल पूर्णिमा पर गौ माता का हल्दी, चंदन और मालाओं से भव्य श्रृंगार कर पूजन किया जाता है। इस दिन विशेष रूप से मालपुए बनाकर गौ माता को भोग लगाया जाता है, जिसके कारण इसे स्थानीय भाषा में ‘माल-पूर्णिमा’ कहा जाता है। कई स्थानों पर बने गौ मंदिरों में भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इसके साथ ही, कृष्णा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी घोर तपस्या और भारतीय संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण कराया।

समारोह के समापन पर गौशाला के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर तथा राम ऋषि भारद्वाज ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे गोवंश के प्रति आदर व सेवा भाव रखें और उन्हें कभी भी सडकों पर लावारिस न छोड़ें।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।