सोलन: हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती सिरमौर कल्याण मंच सोलन द्वारा मंगलवार को अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाई गई। दिन भर चले विभिन्न कार्यक्रमों में शहर की गणमान्य हस्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कवियों और युवाओं ने डॉ. परमार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

समारोह का शुभारंभ सोलन के चिल्ड्रन पार्क स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर सोलन नगर निगम की मेयर सुषमा शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ डिप्टी मेयर गौरव राजपूत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष बरमानी, पूर्व जिलाध्यक्ष शिव कुमार, पूर्व नप अध्यक्ष कुलराकेश पंत, सरदार सिंह ठाकुर, मदन हिमाचली तथा सिरमौर कल्याण मंच के प्रधान प्रदीप ममगाई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. परमार व गगन चौहान, महासचिव यशपाल कपूर, कोषाध्यक्ष सत्यपाल ठाकुर सहित सैकड़ों गणमान्य लोगों ने डॉ. परमार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
डॉ. परमार जयंती के पावन अवसर पर सिरमौर कल्याण मंच के प्रधान प्रदीप ममगाईं की अध्यक्षता में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 50 उत्साही युवाओं ने रक्तदान किया।
प्रायोजक व मुख्य अतिथि: शिविर में रवि मदान और राहुल यादव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राहुल यादव ने अपने स्वर्गीय पिता विजय यादव की स्मृति में इस शिविर को प्रायोजित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, जिससे किसी को नवजीवन मिलता है।
1200 यूनिट का योगदान: मंच के प्रधान प्रदीप ममगाईं ने बताया कि सिरमौर कल्याण मंच पिछले 24 वर्षों से लगातार डॉ. परमार जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है और अब तक जोनल अस्पताल सोलन के ब्लड बैंक को लगभग 1200 यूनिट रक्त समर्पित कर चुका है।
मंच, डॉ. परमार स्मृति आयोजन समिति सोलन और स्यंदन संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें एडिशनल एसपी रमेश शर्मा मुख्य अतिथि रहे तथा अध्यक्षता बलदेव चौहान ने की।
मुख्य वक्ता का वक्तव्य: सिरमौर से आए विद्वान देवेंद्र शास्त्री ने बीज वक्तव्य देते हुए याद दिलाया कि डॉ. परमार हिमाचल प्रदेश के एकमात्र ऐसे व्यक्तित्व थे, जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे।
प्रेरणादायी जीवन: एएसपी रमेश शर्मा ने कहा कि डॉ. परमार का संपूर्ण जीवन प्रदेशवासियों के लिए मार्गदर्शक है। वहीं, पूर्व नप चेयरमैन कुलराकेश पंत ने कहा कि डॉ. परमार द्वारा रखी गई मजबूत नींव के कारण ही आज हिमाचल देश के पहाड़ी राज्यों में अग्रणी है।
कवि सम्मेलन में गूंजीं रचनाएं
कवि सम्मेलन में लगभग 50 कवियों एवं समाजसेवियों ने काव्य रचनाओं के माध्यम से डॉ. परमार को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कवि मदन हिमाचली ने अपनी पंक्तियों से समां बांधा:
“देश का सरताज, विश्व का सरताज बनाकर,
हिमाचल सजाया परमार ने…”
कार्यक्रम में मुकेश विग, के.आर. कश्यप, रवि जोशी, सुनीता शर्मा, डॉ. रामगोपाल शर्मा, यशपाल कपूर, वीर सिंह ठाकुर, राधा चौहान, पदममनी नेगी, आचार्य सुरेश शर्मा, विधि ठाकुर, अर्शिता कंवर, ध्यान सिंह चौहान, हेमंत अत्रि, संजीव अरोड़ा और कुमार शानू सहित कई अन्य कवियों ने भी अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं।