नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के अंतर्गत शिक्षा खंड माजरा के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (BEEO) रामपाल को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार, पर्यावरण संरक्षण तथा बेहतर प्रशासनिक सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए प्रदेश भर से कुल 10 अधिकारियों के नाम भेजे गए थे। इन सभी नामांकनों में से रामपाल एकमात्र ऐसे खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हैं, जिनका अंतिम रूप से चयन हुआ है।
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली द्वारा आगामी 2 और 3 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 2 सितंबर को अवॉर्ड प्रेजेंटेशन आयोजित होगी, जिसमें चयनित अधिकारी अपने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 3 सितंबर को आयोजित मुख्य समारोह में रामपाल को राष्ट्रीय पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा।

अगस्त 2025 में आरंभ हुई रामपाल के चयन की यह प्रक्रिया विभिन्न कठिन एवं पारदर्शी चरणों से होकर गुजरी। इस त्रिस्तरीय चयन प्रक्रिया के प्रथम चरण के तहत अगस्त 2025 में सबसे पहले विस्तृत बायोडाटा के साथ 40 जटिल प्रश्नों के ऑनलाइन उत्तर प्रेषित किए गए थे।
इसके पश्चात चयन के दूसरे चरण में दिसंबर 2025 के दौरान 10 से 12 पृष्ठों की एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर संस्थान के साथ साझा की गई। अंतिम चरण के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने अपने द्वारा किए गए शैक्षणिक नवाचारों का चित्रों और साक्ष्यों सहित लाइव प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया, जिसके बाद उनका चयन इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए हुआ।
रामपाल ने अपने नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने गणित विषय को सरल बनाने और पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से वेस्ट प्लास्टिक का अनूठा प्रयोग किया। उन्होंने अनुपयोगी प्लास्टिक कचरे का उपयोग करके गणित के विभिन्न साइन बोर्ड और गणितीय चिह्न तैयार किए। इस पहल से जहाँ एक तरफ प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए गणित को समझना और पढ़ना बेहद आसान हो गया, वहीं दूसरी तरफ बच्चों को प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक पाठ भी सीखने को मिला।
रामपाल ने अपनी इस राष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय जिला सिरमौर के उप शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) राजीव ठाकुर के मार्गदर्शन और निरंतर प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि राजीव ठाकुर के प्रोत्साहन ने ही उन्हें हर कदम पर नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने कार्यालय माजरा के अधीक्षक रमनदीप, क्लर्क पंकज शर्मा तथा क्लर्क योगेश कुमार का आभार जताया, जिन्होंने प्रिंटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-मेल के जरिए समयबद्ध डेटा भेजने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
रामपाल ने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने, पर्यावरण बचाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के सामूहिक प्रयासों की जीत है। यह सम्मान उन्हें भविष्य में शिक्षा सुधार के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।