सिरमौर: पढ़ाई से लेकर शादी-इलाज तक मिलेगी आर्थिक मदद; सभी श्रेणी के निर्माण कामगार कराएं पंजीकरण

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By पंकज जयसवाल

नाहन : हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा राज्य के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिला श्रम कल्याण अधिकारी सिरमौर परितोष तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड के तहत मिस्त्री, पेंटर, प्लम्बर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर और मजदूर या हेल्पर के रूप में काम करने वाले सभी कुशल और अर्धकुशल कामगार अपना पंजीकरण करवाकर इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

परितोष तोमर ने एक विशेष और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं का दायरा केवल हिमाचल के मूल निवासियों तक सीमित नहीं है। यदि कोई बाहरी राज्य का व्यक्ति (प्रवासी कामगार) भी हिमाचल प्रदेश में आकर निर्माण कार्य कर रहा है, तो वह भी इस योजना के तहत पूरी तरह पात्र होगा और सभी लाभ प्राप्त कर सकेगा।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी परितोष तोमर ने बताया कि पंजीकरण के लिए कामगार की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है और उसने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन तक निर्माण कार्य किया हो। पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है, जिसके लिए कामगार को सदस्यता के लिए मात्र 10 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होता है। आवेदन के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आयु प्रमाण पत्र और 90 दिनों की मजदूरी पर्ची जमा करानी होती है।

परितोष तोमर ने योजनाओं के ब्यौरे में बताया कि पंजीकृत सदस्यों को स्वयं तथा उनके दो बच्चों के विवाह के लिए 51,000-51,000 रुपये की राशि दी जाती है। इसके अलावा महिला लाभार्थी को प्रसूति के समय 25,000 रुपये तथा पुरुष लाभार्थी को 1,000 रुपये का मातृत्व/पितृत्व लाभ मिलता है। परिवार में दो बेटियों के जन्म पर प्रति बेटी 51,000 रुपये की एफडीआर (FDR) देने का प्रावधान है, जो बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर भुनाई जा सकती है।

कामगारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पहली कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक भारी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसके अंतर्गत 1वीं से 8वीं तक 8,400 रुपये, 9वीं से 12वीं तक 12,000 रुपये, स्नातक स्तर पर 36,000 रुपये और स्नातकोत्तर के लिए 60,000 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाते हैं। इसके साथ ही डिप्लोमा, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, इंजीनियरिंग और पीएचडी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 48,000 रुपये से लेकर 1,20,000 रुपये प्रतिवर्ष तक की आर्थिक मदद दी जाती है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजीकृत कामगारों और उनके आश्रितों को सामान्य आउटडोर इलाज के लिए 50,000 रुपये, इनडोर अस्पताल में भर्ती होने पर 1,00,000 रुपये और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 5,00,000 रुपये तक की चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जाती है। इसके अलावा कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 4,00,000 रुपये और प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में 2,00,000 रुपये की सहायता राशि के साथ-साथ 20,000 रुपये अंतिम संस्कार सहायता के रूप में मिलते हैं।

कामगारों के बुढ़ापे और आवास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर न्यूनतम 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान है। दुर्घटना या बीमारी के कारण दिव्यांगता की स्थिति में प्रतिमाह 500 रुपये पेंशन के साथ-साथ एकमुश्त सहायता राशि भी दी जाती है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए 1,50,000 रुपये और विधवा, एकलनारी या दिव्यांग महिला लाभार्थियों के लिए मकान निर्माण हेतु 3,00,000 रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। जिला श्रम कल्याण अधिकारी सिरमौर ने जिले के सभी पात्र कामगारों से जल्द से जल्द अपना पंजीकरण करवाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।