सोलन: तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए है, न कि हमें अपना गुलाम बनाने के लिए। इसी संदेश के साथ सोलन के गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कई इंटर-हाउस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों का मुख्य मकसद बच्चों की क्रिएटिविटी और लीडरशिप क्वालिटी को निखारने के साथ-साथ उन्हें आज के दौर में गैजेट्स के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था।

इस मौके पर आयोजित मॉडल पंचायत प्रतियोगिता का विषय समाज में तकनीक रखा गया था। इसमें अलग-अलग हाउस के विद्यार्थियों ने सरपंच और पंच की भूमिका निभाते हुए पंचायत की लाइव कार्यवाही का शानदार मंचन किया। बच्चों ने बहुत ही संजीदगी के साथ समाज पर तकनीक के अच्छे और बुरे असर पर चर्चा की।
छात्रों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए बताया कि आज की युवा पीढ़ी मोबाइल फोन, वीडियो गेम और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में इस कदर खो गई है कि वह खेलकूद और पारिवारिक मूल्यों से दूर होती जा रही है। उन्होंने डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स के आंकड़ों का हवाला देते हुए सचेत किया कि गैजेट्स का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल आंखों की कमजोरी, तनाव, अनिद्रा और अकेलेपन जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे रहा है।
स्कूल मैनेजमेंट ने सभी प्रतिभागियों की जमकर तारीफ की। स्कूल प्रशासन का कहना था कि इस तरह की एक्टिविटीज से बच्चों में कॉन्फिडेंस, तार्किक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों का अनुशासन और उत्साह देखने लायक था।