सोलन: राजकीय महाविद्यालय, सोलन में मंगलवार को केंद्रीय हिंदी निदेशालय, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) के अंतर्गत प्राध्यापक व्याख्यान माला यात्रा 2026-2027 का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के हिंदी विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय सोलन की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने की। इस विशेष व्याख्यान माला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के कौशल और प्रतिभा को परिष्कृत करने के साथ-साथ उनके ज्ञान को एक नया और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करना रहा।

समारोह के आरंभ में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका भारद्वाज ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए केंद्रीय हिंदी निदेशालय की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय स्तर पर इस प्रकार के अकादमिक सत्र आयोजित करने से छात्रों को प्रतिष्ठित विद्वानों के विचारों को सुनने और अपनी सृजनात्मकता को निखारने का एक बेहतरीन मंच प्राप्त होता है।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की ओर से पधारे मुख्य वक्ता प्रोफ़ेसर योगेश पाटिल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार के चर्चित काव्य-संग्रह ‘साये में धूप’ पर विस्तृत और विचारोत्तेजक व्याख्यान दिया। अपने वक्तव्य में प्रो. पाटिल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दुष्यंत कुमार मूलतः आत्म-संघर्ष के कवि हैं और उनकी रचनाओं के शब्द समाज में व्याप्त अन्याय, अत्याचार और अव्यवस्था के खिलाफ निरंतर संघर्ष करते हैं। उन्होंने युवाओं को सृजनात्मक लेखन की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया और जानकारी दी कि केंद्रीय हिंदी निदेशालय नई छात्र प्रतिभाओं को तराशने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाओं का संचालन करता है, जिससे जुड़कर विद्यार्थी अपने लेखन कौशल को और अधिक समृद्ध कर सकते हैं।
अपने अध्यक्षीय भाषण में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने सफल आयोजन के लिए हिंदी विभाग व IQAC की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के ज्ञानवर्धक व्याख्यान विद्यार्थियों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं, जिससे उनमें समाज और साहित्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित होता है। इस प्रेरणादायक आयोजन में महाविद्यालय के 150 से अधिक विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने भाग लिया और व्याख्यान का लाभ उठाया।