हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में सीएम का छात्रों से संवाद, 1% ब्याज पर 20 लाख तक का लोन

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By Hills Post

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल छात्रों के सवालों के जवाब दिए और कॉलेज के विकास के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार की कई अहम योजनाओं की जानकारी साझा की।

पैसे की कमी से नहीं रुकेगी पढ़ाई: 1% ब्याज पर 20 लाख का लोन

संवाद के दौरान द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने सवाल किया कि आर्थिक तंगी के कारण किसी छात्र की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए सरकार क्या कर रही है? इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना चला रही है। इसके तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों के बच्चों को केवल 1% ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है, ताकि कोई भी युवा पैसों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।

अस्पताल का होगा विस्तार, कैंसर और डेंटल कॉलेज की योजना

छात्रों के बुनियादी ढांचे से जुड़े सवालों पर सीएम ने बताया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा 300-300 क्षमता वाले ब्वॉयज और गर्ल्स हॉस्टल का काम भी शुरू हो चुका है। जापान की एक कंपनी के सहयोग से कॉलेज का नया लेआउट प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज, और नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

विदेश दौरे पर जाएंगे मेडिकल छात्र

छात्र निशांत के सवाल पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस और पीजी के 10-10 मेधावी विद्यार्थियों का चयन पूरा हो चुका है। इन छात्रों को जल्द ही विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा, ताकि वे वहां की बेहतरीन चिकित्सा प्रणालियों और तकनीकों का अध्ययन कर सकें।

बढ़ी पीजी की सीटें और इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने पर विचार

मुख्यमंत्री ने गर्व से साझा किया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पहले पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) की सिर्फ 8 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 57 हो गई हैं। पूरे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पहले पीजी की कुल 277 सीटें थीं, जो सरकार के प्रयासों से अब बढ़कर 597 हो गई हैं (इस साल 320 नई सीटें जुड़ी हैं)। इसके अलावा, सरकार एमबीबीएस छात्रों के इंटर्नशिप स्टाइपेंड को बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, जिसके लिए आगामी बजट में प्रावधान किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी व मेरिट आधारित बनाए जाने की बात भी दोहराई।

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