नाहन : पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच ग्राम पंचायत बनेठी से एक दिलचस्प चेहरा चुनावी मैदान में उतरा है। क्षेत्र में लोक मित्र केंद्र चलाने वाले दर्शन लाल ने आज प्रधान पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। दर्शन लाल ने चुनाव जीतने पर ‘सेवा और विकास’ का ऐसा रोडमैप पेश किया है, जिसकी चर्चा पूरी पंचायत में हो रही है।
नामांकन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए दर्शन लाल ने युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी घोषणा की। उन्होंने कहा, “अक्सर गाँव के युवाओं को सरकारी या प्राइवेट नौकरी के फॉर्म भरने के लिए शहर जाना पड़ता है और वहां मोटी फीस देनी पड़ती है। कई बार गरीब बच्चों के पास फॉर्म भरने तक के पैसे नहीं होते। अगर जनता मुझे चुनती है, तो पंचायत के हर युवा का ऑनलाइन फॉर्म निशुल्क (Free) भरा जाएगा, उसकी कोई फीस नहीं ली जाएगी।”

दर्शन लाल ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि उन्होंने स्थानीय राजकीय प्राथमिक पाठशाला को गोद लिया हुआ है। उन्होंने संकल्प लिया कि पंचायत में किसी भी बच्चे की पढ़ाई संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकेगी। जिन बच्चों के पास कॉपी, पेंसिल या अन्य जरूरी सामान नहीं होगा, उन्हें पंचायत की ओर से सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में दर्शन लाल ने व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने कहा कि वह महिला मंडलों को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने महिलाओं को अचार, चटनी और मुरब्बा बनाने की मुफ्त ट्रेनिंग दिलाने का वादा किया है।
वहीं, आर्थिक रूप से संकट में फंसे उन लोगों के लिए भी उन्होंने अपनी योजना बताई जिन्होंने बैंक या अन्य संस्थानों से कर्ज (लोन) लिया है। दर्शन लाल ने कहा कि वह उन्हें स्वरोजगार की योजनाओं से जोड़कर इस काबिल बनाएंगे कि वे समय पर अपना कर्ज चुका सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
दर्शन लाल ने अपनी उम्मीदवारी को पूरी तरह से अध्यात्म और सेवा से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, “मैं शिरगुल महाराज का अनन्य भक्त हूँ और उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे पास जीवन की सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। मेरा प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ना पैसा कमाने या पद पाने की लालसा नहीं है, बल्कि यह अपने समाज और पंचायत के प्रति मेरा कर्तव्य है।” उन्होंने अपील की कि बनेठी की जनता उन्हें एक मौका दे ताकि वे पंचायत को विकास के मामले में ‘दिन दुगनी और रात चौगुनी’ तरक्की की राह पर ले जा सकें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह हर ग्रामीण के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और उनकी हर समस्या का समाधान महज एक फोन कॉल की दूरी पर होगा।