सोलन: कसौली पुलिस ने कानून से आंख मिचौली खेल रहे एक शातिर भगोड़े/उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़ा गया आरोपी पिछले 11 वर्षों से पुलिस को चकमा देकर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिसे आखिरकार गुप्त सूचना और सटीक निगरानी के आधार पर दबोच लिया गया।

जानकारी के अनुसार, मामला साल 2015 का है। पुलिस थाना कसौली में चोरी से संबंधित एक मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि मुख्य आरोपी हेम चंद और उसके पुत्र ने एक स्थानीय मंदिर से चार ऐतिहासिक मूर्तियां और लगभग ₹600 नकद चोरी किए थे। चोरी हुए इस कुल सामान की कीमत करीब ₹3,100 आंकी गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक बाल अपचारी (नाबालिग) को शामिल करते हुए माननीय न्यायालय के आदेशानुसार बाल सुधार गृह, ऊना भेजा था, जबकि मुख्य आरोपी वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था।
चोरी की घटना के बाद से ही आरोपी हेम चंद अपने घर से फरार हो गया था। कसौली पुलिस ने उसकी तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद, माननीय न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए 13 फरवरी 2017 को उसे उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। पुलिस ने मामले के अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर पहले ही अदालत में पेश कर दी थी, लेकिन हेम चंद लगातार अपनी पहचान छिपाकर पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कसौली पुलिस की एक विशेष टीम लगातार प्रयासरत थी। पिछले कल पुलिस को आरोपी के संबंध में एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी हेम चंद उम्र लगभग 50 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय श्री परमानन्द, निवासी गाँव धाली, डाकघर गड़खल, तहसील कसौली सोलन को धर-दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना कसौली में कानून की अवहेलना करने और भगोड़ा रहने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 209 और 269 के तहत एक नया मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी हेम चंद को आज माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ से उसे रिमांड पर लेकर अगली पूछताछ की जाएगी। मामले में आगामी जांच जारी है।