नाहन : जिला सिरमौर के धारटीधार क्षेत्र के गांव भरोग-बनेड़ी निवासी एवं राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुजेवाला, शिक्षा खण्ड माजरा, जिला सिरमौर हि.प्र. में सेवाएं दे रहे शिक्षक नीरज को कुरुक्षेत्र में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी एवं राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों और नवाचारी कार्यों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
हिमाचल प्रदेश से हरियाणा के कुरुक्षेत्र तक इस राष्ट्रीय स्तर के इस शैक्षिक मंच पर सम्मान प्राप्त करना उनके लिए गौरव का क्षण रहा। समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षक एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नए प्रयोगों, नवाचारों और अनुभवों को साझा किया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद नीरज कुमार ने कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरती पर आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए अत्यंत खुशी और गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल से हरियाणा तक की यह यात्रा उनके लिए केवल यात्रा नहीं, बल्कि सीखने, नए लोगों से जुड़ने और नई प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर रही।
नीरज कुमार रमौल ने इस सम्मान के लिए शिक्षा सागर फाउंडेशन एवं समारोह के सभी आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए शिक्षकों से मिलना, उनके अनुभव सुनना तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नए प्रयोगों को जानना उनके लिए बेहद मूल्यवान अनुभव रहा। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों, सहकर्मियों और समाज से निरंतर सीखता रहता है और यही सीख उसे बेहतर शिक्षक बनने के लिए प्रेरित करती है।
नीरज ने कहा कि “सम्मान हमें रोकने के लिए नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।” उन्होंने इस सम्मान को अपने विद्यार्थियों एवं सभी शिक्षक साथियों को समर्पित किया।
नीरज को राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से उनके गृह क्षेत्र धारटीधार एवं भरोग-बनेड़ी में भी खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।