नाहन : कांशी वाला मंडी में आज में कुछ खास फलों और सब्जियों के दामों में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जबकि कुछ रोज़मर्रा की सब्जियां अब भी आम आदमी की जेब के अनुकूल बनी हुई हैं। थोक बाजार में आ रहे इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर आने वाले दिनों में स्थानीय खुदरा बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
फलों के बाजार की बात करें तो आज नाहन मंडी में सेब के दामों ने बड़ी छलांग लगाई है। थोक मंडी में सेब की कीमत ₹200 से ₹250 प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसने इसे आम उपभोक्ताओं की पहुंच से थोड़ा दूर कर दिया है। इसके अलावा, गर्मियों के पसंदीदा फल तरबूज के दाम बेहद नियंत्रण में हैं और यह ₹15 से ₹18 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। वहीं, फलों के राजा आम के थोक दाम ₹30 से ₹40 प्रति किलो दर्ज किए गए हैं, जबकि केला ₹45 से ₹48 प्रति किलोग्राम (क्रेट दर के अनुसार) के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सब्जियों के खंड में आज लहसुन ने सभी को चौंकाया है। मंडी में अच्छी क्वालिटी का लहसुन ₹130 से लेकर ₹150 प्रति किलोग्राम के थोक भाव पर बिक रहा है। इसके साथ ही तीखेपन का तड़का लगाने वाली हरी मिर्च और रसोई की शान शिमला मिर्च के दाम भी मजबूत बने हुए हैं, दोनों ही थोक बाजार में ₹50 से ₹60 प्रति किलो के बीच ट्रेंड कर रहे हैं। वहीं फ्रांसबीन भी ₹45 से ₹50 प्रति किलो और फूल गोभी ₹40 से ₹45 प्रति किलो के भाव पर बनी हुई है, जिससे इन हरी सब्जियों की थाली में मौजूदगी थोड़ी महंगी साबित हो रही है।
दूसरी तरफ, मध्यवर्गीय परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि रसोई की बुनियादी सब्जियां जैसे प्याज और टमाटर अभी पूरी तरह नियंत्रण में हैं। मंडी में आज प्याज ₹30 से ₹32 प्रति किलो और टमाटर ₹28 से ₹30 प्रति किलो के बेहद किफायती दाम पर उपलब्ध रहे। इसके अलावा आलू के दाम ₹13 से ₹15 प्रति किलो, कद्दू ₹12 से ₹14 प्रति किलो और पत्ता गोभी ₹10 से ₹12 प्रति किलो के साथ मंडी की सबसे सस्ती सब्जियों में शुमार रहे। अन्य सब्जियों में खीरा ₹20 से ₹25, भिंडी व तौरी ₹18 से ₹20 और लौकी ₹14 से ₹16 प्रति किलो के भाव पर बेची गई।
मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि यह सूची केवल थोक (Wholesale) दरों की है। चूंकि ये दाम सीधे आढ़त और मंडी के हैं, इसलिए जब ये फल और सब्जियां स्थानीय खुदरा (Retail) बाजारों या रेहड़ी-फड़ियों तक पहुंचेंगी, तो परिवहन खर्च और स्थानीय दुकानदारों के मुनाफे के कारण आम जनता को प्रति किलो ₹10 से ₹20 तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।