नाहन : हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक नाहन शहर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण और अवैध विज्ञापनों को लेकर नगर परिषद ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और आम जनता को पैदल चलने में हो रही दिक्कतों से राहत दिलाने के उद्देश्य से नगर परिषद अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी में है। बाजारों में दुकानों के बाहर सामान फैलाने वाले व्यापारियों तथा बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग और विज्ञापन बोर्डों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।
नाहन शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों और विभिन्न बाजारों में कई दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों की सीमा से बाहर तक सामान फैलाकर रखा जा रहा है। सड़कों और फुटपाथों पर कब्जा होने के कारण बाजारों में गलियां संकरी हो गई हैं। इससे न केवल दैनिक खरीदारी के लिए आने वाले आम नागरिकों को आवाजाही में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

नगर परिषद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी व्यापारियों, दुकानदारों और कबाड़ियों से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर स्वयं अपनी दुकानों के बाहर फैलाया गया सामान और अतिक्रमण हटा लें। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह 7 दिन का समय एक चेतावनी और अवसर के रूप में दिया गया है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद नगर परिषद अपनी टीम के साथ बाजारों में विशेष अभियान चलाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामान भी जब्त किया जाएगा।
नाहन शहर में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के जगह-जगह लगाए गए होर्डिंग्स, बैनर और विज्ञापनों को लेकर भी नगर परिषद ने सख्त चेतावनी जारी की है। शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी अवैध होर्डिंग्स को एक सप्ताह के भीतर हटा लिया जाए। नगर परिषद के अनुसार, भविष्य में शहर में किसी भी प्रकार का होर्डिंग या विज्ञापन बोर्ड लगाने से पहले नगर परिषद से विधिवत अनुमति लेनी होगी और निर्धारित शुल्क जमा करवाना अनिवार्य होगा।
नाहन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना नगर परिषद की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बाजारों में अतिक्रमण की वजह से आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए व्यापारियों को स्वयं अपना सामान हटाने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के बाद बिना किसी रियायत के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और बिना अनुमति लगे होर्डिंग्स को हटाकर जुर्माना भी लगाया जाएगा।