नाहन : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब क्षेत्र में वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार सुबह करीब 4 बजे, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम घुतनपुर (डाकघर बातामंडी) में एक घर पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) आदित्य शर्मा के नेतृत्व में की गई। टीम को पहले से ही घर में प्रतिबंधित वन्यजीव अवशेष होने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर योजनाबद्ध तरीके से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
तलाशी के दौरान टीम को अख्तर अली (पुत्र अली हसन) के घर की छत से चौंकाने वाली बरामदगी हुई। अधिकारियों के अनुसार, मौके से एक तेंदुए की खाल (मूंछों सहित), बिना खाल के तेंदुए के पंजे, घोरल के सींग के तीन जोड़े और काकड़ (भौंकने वाले हिरण) के दो जोड़े सींग बरामद किए गए। इसके अलावा, टीम ने वहां से तीन खाली कारतूस, मांस काटने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक तेजधार हथियार और एक लकड़ी का गटका भी जब्त किया है। बरामद किए गए साक्ष्यों से संकेत मिलते हैं कि यहां वन्यजीवों के अवैध शिकार या अंगों के व्यापार की गतिविधियां चल रही थीं।

बरामदगी के तुरंत बाद वन विभाग और पुलिस ने सभी अवशेषों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसीएफ आदित्य शर्मा ने स्पष्ट किया कि विभाग इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि ये वन्यजीव अवशेष कहां से लाए गए थे और इस रैकेट में कौन-कौन शामिल है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस कार्रवाई के बाद गांव में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया है। कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने परिवार का बचाव करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें किसी गहरी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित परिवार ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है और उनकी छवि इलाके में शांतिपूर्ण रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है ताकि बेगुनाहों को सजा न मिले।
ग्रामीणों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीएफ आदित्य शर्मा ने कहा कि विभाग पूरी तरह से निष्पक्ष जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास परिवार की बेगुनाही या इस मामले से जुड़े किसी अन्य पहलू के संबंध में कोई ठोस सबूत है, तो वह विभाग को सौंप सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा और दूध का दूध व पानी का पानी किया जाएगा।