शिमला: सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वालों के खिलाफ शिमला पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने शुक्रवार आरोपी युद्धवीर सिंह बैंस को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर जांच में सहयोग न करने और व्यवधान डालने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस थाना बालूगंज में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि युद्धवीर सिंह बैंस ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर एक ऐसा वीडियो ब्रॉडकास्ट किया है, जिसमें विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच नफरत पैदा करने वाली सामग्री परोसी गई है। वीडियो में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाते हुए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। शिकायतकर्ता ने अंदेशा जताया था कि इस वीडियो के वायरल होने से जिला में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस की आईटी और डिजिटल फोरेंसिक टीम ने इस सोशल मीडिया प्रोफाइल का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि उक्त व्यक्ति अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नियमित रूप से इस तरह की भड़काऊ और विवादित सामग्री पोस्ट करता रहता है।
शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस थाना वेस्ट बालूगंज, शिमला में एफआईआर संख्या 108/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी को कानूनी नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया, लेकिन उसने पुलिस के साथ सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया।
आरोपी द्वारा जांच प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने और व्यवधान उत्पन्न करने के प्रयास के चलते पुलिस ने मामले में धारा 221 (BNS) को भी जोड़ दिया, जिसके बाद आज उसकी विधिवत गिरफ्तारी की गई। शिमला पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी युद्धवीर सिंह बैंस का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और वह पहले से ही कई मामलों में नामजद है। आरोपी के विरुद्ध ऊना में धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने (धारा 420, 468, 471, 120-बी IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त शिमला के छोटा शिमला (ईस्ट) थाने में भी उसके खिलाफ धारा 248, 351 और 356(2) BNS के तहत एक अन्य आपराधिक मामला दर्ज है।
जिला शिमला पुलिस ने इस मामले के बाद आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स के लिए एक सख्त एडवाइजरी और चेतावनी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि की सार्वजनिक शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फेसबुक, व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर समाज में नफरत फैलाने या अफवाहें उड़ाने वालों के खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करने और मामले के अन्य तकनीकी पहलुओं को खंगालने में जुटी है।