सोलन : हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के अंतर्गत पुलिस थाना मानपुरा में दर्ज गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल गया है। चनालमाजरा क्षेत्र में एक छोटे तालाब से संदिग्ध परिस्थितियों में मिले मुकेश कुमार के शव के मामले में बद्दी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को नालागढ़ अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले की शुरुआत 30 सितंबर 2026 को हुई, जब बिहार निवासी उमेश कुमार (हाल निवासी चनालमाजरा, तहसील बद्दी) ने पुलिस थाना मानपुरा में अपने भाई मुकेश कुमार के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार, मुकेश 28 सितंबर की शाम को अपने कुछ साथियों के साथ गया था, लेकिन उसके बाद वापस घर नहीं लौटा। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू की तो चनालमाजरा स्थित एक तालाब से मुकेश का शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच के दौरान शरीर पर चोट के निशान पाए जाने पर पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं जोड़कर जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया।

मानपुरा पुलिस टीम ने तकनीकी व गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से जलगांव के शनिपेठ थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में बिहार के पटना जिले के गांव पैठानी चक निवासी अजीत कुमार (19) तथा मुजफ्फरपुर जिले के गांव कुटुवपुर निवासी गोगल मुखिया उर्फ रोशन (21), चंदन कुमार (22) और गांव बहादुरपुर निवासी संतोष कुमार (24) शामिल हैं।
बद्दी पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों को पहले जलगांव अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया। इसके बाद उन्हें नालागढ़ स्थित एसीजेएम (ACJM) अदालत में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत ने चारों को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि हत्या के मुख्य कारणों और वारदात में उनकी भूमिका का खुलासा हो सके।
पुलिस अधीक्षक बद्दी, विनोद धीमान स्वयं इस संवेदनशील मामले की जांच की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जांच टीम को साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच करने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।