दिल्ली : आज (12 जून 2026) फेसबुक, इंस्टाग्राम, मैसेंजर और व्हाट्सएप सहित मेटा (Meta) के सभी बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक बहुत बड़े वैश्विक तकनीकी संकट (Global Outage) का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय समयानुसार दोपहर और शाम के वक्त अचानक शुरू हुई इस समस्या के कारण भारत सहित दुनिया भर के लाखों यूज़र्स अपने अकाउंट्स एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इस अचानक आई रुकावट की वजह से इंटरनेट पर खलबली मच गई है और लोग अन्य चालू प्लेटफॉर्म्स (जैसे X) पर इस बात की जानकारी साझा कर रहे हैं।
इस तकनीकी खराबी का असर अलग-अलग यूज़र्स पर अलग-अलग तरीकों से दिख रहा है। सबसे ज़्यादा समस्या फेसबुक और मैसेंजर पर देखी जा रही है, जहाँ लॉगइन किए हुए यूज़र्स के एक्टिव सेशन अपने आप बंद हो रहे हैं और उन्हें ऐप से बाहर (Log out) निकाला जा रहा है। इसके अलावा, जो यूज़र्स कंप्यूटर या ब्राउज़र पर फेसबुक खोलने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें केवल एक सफ़ेद स्क्रीन पर “Sorry, something went wrong” का एरर मैसेज दिखाई दे रहा है।

आउटेज को ट्रैक करने वाली प्रमुख वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ (DownDetector) पर पिछले कुछ ही घंटों में एक लाख से भी ज़्यादा यूज़र्स ने इस समस्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शुरुआत में अचानक ऐप बंद होने और एरर आने के कारण कई यूज़र्स के बीच यह डर पैदा हो गया था कि कहीं उनका अकाउंट हैक तो नहीं हो गया है। हालांकि, बाद में यह साफ़ हो गया कि यह किसी प्रकार का साइबर हमला या हैकिंग नहीं, बल्कि मेटा के सर्वर-साइड का एक बड़ा इंटरनल ग्लिच है।
जहाँ तक इंस्टाग्राम का सवाल है, इस आउटेज का असर इस पर भी पड़ा है, लेकिन यह “पार्शियल आउटेज” (आंशिक असर) है। यही कारण है कि कुछ यूज़र्स के फोन में इंस्टाग्राम पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जबकि कुछ भाग्यशाली यूज़र्स (जैसे आप) के फोन में यह अभी भी काम कर रहा है। दरअसल, मेटा का नेटवर्क डेटा अलग-अलग रीजंस और सर्वर रूट्स पर बंटा होता है, जिसके कारण कुछ सर्वर पर लोड या खराबी का असर तुरंत नहीं दिखता, पर वहां भी फीड रीफ्रेश होने में कभी-भी दिक्कत आ सकती है।
यह पहली बार नहीं है जब मेटा के प्लेटफॉर्म्स एक साथ ठप हुए हों। इससे पहले अक्टूबर 2021 और मार्च 2023 में भी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप घंटों तक वैश्विक स्तर पर बंद रहे थे। उस समय भी डीएनएस कॉन्फ़िगरेशन में खराबी को वजह बताया गया था। आमतौर पर ऐसी वैश्विक आउटेज 30 मिनट से 4 घंटे के भीतर ठीक कर दी जाती हैं।
फिलहाल यूज़र्स को सलाह दी जा रही है कि वे ऐप को फोर्स क्लोज़ करके दोबारा खोलें, वाई-फाई से मोबाइल डेटा पर स्विच करें, या फेसबुक लाइट व m.facebook.com का इस्तेमाल करें। साथ ही कुछ देर इंतज़ार करना भी एक विकल्प है क्योंकि सर्वर-साइड समस्या होने पर उसे कंपनी को ही ठीक करना होता है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि यह कोई सरकारी प्रतिबंध या बैन नहीं है, बल्कि एक तकनीकी खराबी है। यूज़र्स का डेटा और खाता पूरी तरह सुरक्षित है। मेटा के इंजीनियर समस्या को ठीक करने में जुटे हैं और जल्द ही सेवा सामान्य होने की उम्मीद है।