मंत्रिमंडल के फैसले, विभिन्न विभागों में भरे जाएंगे हजारों पद, मानदेय और पेंशन में भी बढ़ोतरी

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By Hills Post

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में युवाओं, कर्मचारियों, महिलाओं और किसानों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों नए पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की, जिसमें जल शक्ति विभाग से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आपदा राहत पैकेज तथा ढांचागत विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई।

बैठक में रोजगार के मोर्चे पर बड़ा फैसला लेते हुए जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटरों, पैरा फिटरों और बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं सहित पैरा वर्करों के 4,090 पद भरने को स्वीकृति दी गई। शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 100 नए स्कूलों को सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध करने और नई योजना के तहत 3,900 शैक्षणिक व 900 गैर-शैक्षणिक पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त कॉलेज कैडर में सहायक प्रोफेसरों के 320 बैकलॉग पद, 500 सहायक स्टाफ नर्सें, लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्कर व 10 कनिष्ठ अभियंता, पशुपालन विभाग में 116 पद, और वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षकों सहित 10 रेंज अधिकारियों के पद भरे जाएंगे। बैठक में शेष रह गए एसएमसी (SMC) और आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों के लिए एलडीआर (सीमित सीधी भर्ती) परीक्षा आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।

जन कल्याणकारी निर्णयों की श्रृंखला में मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये कर दिया है। साथ ही वन मित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (SPO) के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह वृद्धि को मंजूरी दी गई। शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन को 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने तथा विधवाओं व एकल महिलाओं के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति हेतु वार्षिक आय सीमा 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।

कृषि और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि 3 रुपये से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। सरकारी विभागों को अपनी दूध आवश्यकताओं की आपूर्ति मिल्कफेड से करने के निर्देश दिए गए हैं। सोलन जिले में एकीकृत विकास परियोजना के विस्तार के लिए 603 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त, जलाशयों के मछुआरों के लिए 100 रुपये प्रति किग्रा न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ तथा ट्राउट मछली पालकों के लिए 1 करोड़ रुपये के कोष से ‘ट्राउट जोखिम निधि योजना’ शुरू करने का फैसला हुआ।

कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की गई, जिसके तहत मकान के पूर्ण नुकसान पर 7.50 लाख रुपये, सामान के लिए 1 लाख रुपये, 5,000 रुपये किराया और 6 महीने का मुफ्त राशन दिया जाएगा। प्रशासनिक व ढांचागत फैसलों में तकनीकी शिक्षा विभाग का नाम बदलकर ‘तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग’ करने, सुजानपुर के होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने, छोटा शिमला चौक पर अंडरपास निर्माण, और बद्दी के शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) स्थापित करने की मंजूरी दी गई। सरकारी कर्मचारियों के तबादलों के लिए व्यापक नीति बनाने हेतु उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप-समिति का भी गठन किया गया है।

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