शिमला : पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रोहडू शाखा में तैनात फील्ड मैनेजर, तरुण ठाकुर को नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। 33 वर्षीय तरुण ठाकुर मूल रूप से सिरमौर जिले की राजगढ़ तहसील के चोगटाली गांव का रहने वाला है। जांच में यह सामने आया है कि बैंक में एक जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद वह ‘चिट्टा’ जैसे घातक नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से संलिप्त था। इस मामले के साथ ही अब तक इस गिरोह से जुड़े कुल छह लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
पुलिस जांच में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के गहरे कनेक्शन सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि तरुण ठाकुर का सीधा संपर्क अमृतसर (पंजाब) के मुख्य सप्लायर लुकास उर्फ लकी से था। पुलिस को जांच के दौरान इन दोनों के बीच ऑनलाइन पैसे के लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जो इनके बीच नशे की खरीद-फरोख्त की पुष्टि करते हैं। शिमला के जुब्बल थाने में दर्ज इस मुकदमे की जांच में पाया गया कि तरुण न केवल नशे का सेवन करता था, बल्कि इसके व्यापारिक नेटवर्क का भी अहम हिस्सा बन चुका था।

इस पूरे मामले का पर्दाफाश सिलसिलेवार ढंग से हुई गिरफ्तारियों के बाद हुआ। इस कड़ी की शुरुआत 9 फरवरी 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने एक स्थानीय महिला को 13.46 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा था। महिला से हुई कड़ी पूछताछ के बाद 17 मार्च को मुख्य सप्लायर लुकास को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए 6 अप्रैल 2026 को तीन अन्य आरोपियों—आशीष उर्फ गांधी, मनोज ठाकुर और खुशी राम—को भी दबोच लिया। इन सभी की कड़ियों को जोड़ते हुए अंततः पुलिस बैंक अधिकारी तरुण ठाकुर तक पहुँचने में सफल रही।
आरोपी तरुण ठाकुर को आज कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहाँ पुलिस उसकी रिमांड की मांग करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित तस्करों और खरीदारों की पहचान करना है। शिमला पुलिस का यह अभियान क्षेत्र में चिट्टा तस्करों की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रैकेट के तार अन्य सरकारी या निजी संस्थानों के कर्मचारियों से भी जुड़े हैं।