शिमला में सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता, सामाजिक संस्थाओं ने मांगे स्पीड ब्रेकर

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By Hills Post

शिमला: राजधानी शिमला में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) ने जिला प्रशासन से यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने की गुहार लगाई है। शहर के प्रमुख सड़क जंक्शनों पर स्पीड ब्रेकर लगाने तथा अन्य सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर सामाजिक संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था), शिमला को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में विशेष रूप से 103 टनल के समीप स्थित नाभा-टुटीकंडी जंक्शन और लालपानी चौक को यातायात की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील बताते हुए प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।

ज्ञापन सौंपने के उपरांत समाजसेवी गौरव शर्मा ने बताया कि शिमला एक घनी आबादी वाला पहाड़ी शहर है, जहां मुख्य सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ कई संपर्क मार्ग जुड़ते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के कारण इन जंक्शनों पर राहगीरों, स्थानीय निवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और विशेषकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर चिंता बनी रहती है। उन्होंने 103 टनल के समीप नाभा और टुटीकंडी को जोड़ने वाले मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। मुख्य सड़क और संपर्क मार्गों के इस मिलन बिंदु पर दुर्घटना की आशंका को टालने के लिए वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेतक, गति सीमा के बोर्ड और सुरक्षित पैदल क्रॉसिंग का निर्माण किया जाना नितांत आवश्यक है।

इसी प्रकार लालपानी चौक का जिक्र करते हुए बताया गया कि रामनगर और फागली की ओर से आने वाले संपर्क मार्गों का सीधा जुड़ाव राष्ट्रीय राजमार्ग से है, जिससे यहां वाहनों का भारी दबाव रहता है। प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से लोक निर्माण विभाग (PWD), यातायात पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित कर इन संवेदनशील स्थानों का तकनीकी निरीक्षण करवाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों के खुलने और छुट्टी होने के समय यातायात पुलिस की विशेष तैनाती तथा शहर के अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां भी आवश्यक उपाय लागू करने पर जोर दिया गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात सुचारू रखने का विषय नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन की रक्षा से जुड़ा एक अति महत्वपूर्ण मुद्दा है। प्रशासन की ओर से समय पर उठाए गए एहतियाती कदम कई संभावित दुर्घटनाओं को टाल सकते हैं। जनहित की इस अहम मांग को उठाने वाले संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में पाइन थॉर्न, अभिविभा, मां नैना देवी सभा और ग्लोब इंटरनेशनल सहित कई अन्य प्रमुख सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी रही।

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