सोलन: शूलिनी यूनिवर्सिटी में नव-प्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए बहुदिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नवागंतुक विद्यार्थियों को अपनी विश्वविद्यालय यात्रा का भरपूर लाभ उठाने, नई रुचियों को तलाशने, आधुनिक कौशल विकसित करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर पूनम नंदा के नेतृत्व में कैंपस बडी अनुभव और समीक्षा सत्र के साथ हुई। उन्होंने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया उनके नवाचारों का इंतजार कर रही है, इसलिए उन्हें कैंपस में उपलब्ध सभी शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक अवसरों का लाभ उठाकर निरंतर सीखते रहना चाहिए। चांसलर प्रो. पी.के. खोसला ने व्यक्तित्व विकास, नैतिक सिद्धांतों और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को ईमानदारी व धैर्य के साथ लक्ष्य प्राप्ति की ओर बढ़ने का संदेश दिया। इस दौरान छात्रों को विश्वविद्यालय के मूल्यों और उत्तरदायित्वों से जोड़ने के लिए ‘शूलिनी शपथ’ भी दिलाई गई।
प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद ने विश्वविद्यालय के रिसर्च, लर्निंग और सामाजिक प्रभाव से जुड़े व्यापक विजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को स्टार्टअप मैराथन और पहल फाउंडेशन जैसी पहलों से अवगत कराते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने तथा रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। वहीं, वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने अपने वीडियो संदेश में विद्यार्थियों को उच्च जीवन मूल्य अपनाने, लगन से मेहनत करने और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
ट्रस्टी व डीन मीडिया और लिबरल आर्ट्स प्रो. निष्ठा शुक्ला आनंद ने विद्यार्थियों को शूलिनी अपस्किल पहल से परिचित कराया, जिसके माध्यम से छात्र मुख्य पाठ्यक्रम के अलावा तकनीक, फाइनेंस, डिजाइन, बिजनेस व कम्युनिकेशन के शॉर्ट कोर्स कर सकते हैं। चीफ लर्निंग ऑफिसर प्रो. आशू खोसला ने शूलिनी वे ऑफ लर्निंग के बारे में बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुद को पहचानने, मेंटर्स से सीखने और मजबूत पोर्टफोलियो तैयार करने का अवसर है। इंडक्शन के पहले दिन छात्रों को नवाचार, अनुसंधान और समग्र व्यक्तिगत विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।