संगड़ाह में 1 क्विंटल दुर्लभ बिरना फर्न के साथ तस्कर धरा, वन विभाग ने वसूला 30 हजार जुर्माना

नाहन : जिला सिरमौर के संगड़ाह वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संरक्षित वन क्षेत्र (Reserve Forest) घाटों के जंगलों से दुर्लभ वन संपदा की तस्करी का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संगड़ाह-गत्ताधार मार्ग पर पिऊलीलाणी नामक स्थान पर ‘बिरना’ फर्न (Fern) से लदी एक पिकअप गाड़ी को कब्जे में लिया है।

कार्यवाहक आरओ (RO) संगड़ाह सत्य प्रकाश शर्मा और डीएफओ (DFO) रेणुका जी बलदेव राज कंडेटा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग की टीम ने पिकअप नंबर HP 08-0220 को तलाशी के लिए रोका था। जांच के दौरान गाड़ी में करीब 1 क्विंटल दुर्लभ फर्न (बिरना) बरामद की गई। वन विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए चौरास गांव निवासी पिकअप चालक एवं आरोपी यशपाल से मौके पर ही 30,000 रुपये जुर्माना वसूला। जुर्माना राशि जमा होने के बाद ही पिकअप को रिलीज किया गया।

इस सफल कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में वनकर्मी सत्यपाल, मुकेश, रवि और विक्रांत शामिल रहे। टीम ने पिऊलीलाणी के पास नाका लगाकर इस अवैध खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की।

जानकारों के अनुसार, हिमालयी जंगलों में पाई जाने वाली यह ‘बिरना’ फर्न अत्यंत सुंदर और दुर्लभ होती है। दिल्ली, चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे बड़े शहरों में फूलों के गुलदस्तों की सजावट के लिए इस फर्न की भारी मांग रहती है, जहां इसे काफी ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। सूत्रों की मानें तो क्षेत्र से हरियाणा और पंजाब जाने वाली सब्जी की गाड़ियों के माध्यम से भी चोरी-छिपे इसकी तस्करी की जाती है।

उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के लोग कई बार सरकार और नेताओं से इस फर्न को बेचने की अनुमति दिलाने की मांग कर चुके हैं, ताकि वे इसे आजीविका का साधन बना सकें। हालांकि, अति दुर्लभ श्रेणी में होने के कारण इसे काटना या बेचना वन अधिकारों (Forest Rights) में शामिल नहीं है और यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।