सिरमौर का गौरव काव्यांश: जिसे कंठस्थ है शिव तांडव और राष्ट्रगीत, परेड में भी है अद्भुत जलवा!

नाहन : हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य में सोलन में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में इस बार एक 6 वर्षीय बालक ने अपने अद्भुत अनुशासन और जज्बे से पूरी परेड की शोभा बढ़ा दी। सिरमौर जिले के राजगढ़ के रहने वाले काव्यांश गौतम ने 15 अप्रैल 2026 को सोलन में आयोजित भव्य परेड में हिस्सा लेकर दर्शकों और प्रशासनिक अधिकारियों को हैरत में डाल दिया।

अनुशासन और देशप्रेम का यह जज्बा इस नन्हे बालक में इस कदर हावी है कि वह पिछले तीन वर्षों से लगातार विभिन्न मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। काव्यांश ने अपने इस सफर की शुरुआत सबसे पहले राजगढ़ से की थी, जिसके बाद उन्होंने 15 अगस्त 2025 और 26 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित भव्य परेड में हिस्सा लेकर खूब सुर्खियां बटोरीं। अब सोलन में अपनी शानदार कदमताल से उन्होंने साबित कर दिया है कि मैदान पर उनका अनुशासन बेमिसाल है। महज 6 साल की उम्र में इस स्तर का आत्मविश्वास रखना पूरे हिमाचल के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।

काव्यांश की यह यात्रा महज परेड तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी बौद्धिक क्षमता का लोहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना गया है। 29 अप्रैल 2020 को जन्मे काव्यांश ने मात्र 21 महीने की उम्र में ही इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया था। उस समय उन्होंने केवल 10 सेकंड में गायत्री मंत्र का शुद्ध उच्चारण कर सबको चौंका दिया था। इसके साथ ही उन्हें एक वर्ष 10 महीने की आयु में ही दिनों, महीनों, अंगों और दर्जनों फल-सब्जियों की सटीक पहचान करने के लिए ‘एप्रिसिएशन रिकॉर्ड’ से नवाजा गया था।

जैसे-जैसे काव्यांश की उम्र बढ़ी, उनकी उपलब्धियों का ग्राफ भी ऊंचा होता गया। महज 30 माह की आयु में उन्होंने 52 सेकंड में पूर्ण राष्ट्रगान गाकर ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना स्थान बनाया। उनकी इस विलक्षण प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान तब मिली जब उन्हें ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन’ द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। राजगढ़ के एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले काव्यांश को शिव तांडव स्तोत्र, गायत्री मंत्र और राष्ट्रगीत पूरी तरह कंठस्थ हैं, जिसे वे पूरी स्पष्टता के साथ सुनाते हैं।

वर्तमान में एसवीएन (SVN) राजगढ़ में दूसरी कक्षा के छात्र काव्यांश के पिता केवल गौतम सोलन में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और माता संध्या एक गृहिणी हैं। उनके माता-पिता के अनुसार, काव्यांश की एकाग्रता बचपन से ही असाधारण रही है। 15 अगस्त 2025 और 26 जनवरी 2026 के बाद अब 15 अप्रैल की इस परेड ने काव्यांश को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के महज 6 साल की उम्र में इस स्तर का अनुशासन और ज्ञान रखना हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।

Photo of author

पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।