नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में आज ट्रांस-गिरी क्षेत्र के ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच द्वारा एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक सभा में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों सहित भारी संख्या में स्थानीय युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभा के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज के अधिकारों, उनके भविष्य की चुनौतियों और सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण व गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों ने मंच के माध्यम से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हुंकार भरी।
इस विशाल आम सभा का मुख्य उद्देश्य ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना और समाज की प्रमुख मांगों को पुरजोर तरीके से सरकार के समक्ष उठाना था। सभा में वक्ताओं ने विशेष रूप से यह मांग रखी कि आगामी जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए एक पृथक (अलग) कॉलम शामिल किया जाए, ताकि समाज की सटीक और वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आ सके। इसके साथ ही वक्ताओं ने शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधित्व को सुरक्षित बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

सभा के दौरान उपस्थित युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। युवाओं ने बेहद स्पष्ट और कड़े शब्दों में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हमें सबसे पहले ओबीसी का अधिकार चाहिए, एसटी (ST) का मुद्दा बाद की बात है। उन्होंने मंच से साफ किया कि उनका एसटी वर्ग से कोई व्यक्तिगत विरोध या किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है, लेकिन ओबीसी समाज उनकी मूल पहचान और संवैधानिक अधिकार है। युवाओं ने पुरजोर शब्दों में सरकार को आगाह किया कि इस अधिकार को किसी भी स्थिति में न तो समाप्त किया जाना चाहिए और न ही इसे कमजोर करने का कोई प्रयास बर्दाश्त किया जाएगा।
आम सभा के सफल समापन के बाद, ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक विस्तृत 8 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन में प्रमुख रूप से जनगणना 2026 में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने, वर्तमान संवैधानिक अधिकारों व आरक्षण की लिखित सुरक्षा सुनिश्चित करने, सरकारी संस्थानों में प्रतिनिधित्व की नियमित समीक्षा करने और ओबीसी आयोग को अधिक शक्तियां प्रदान करने जैसी मांगें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ट्रांस-गिरी क्षेत्र के ओबीसी समाज की विशेष चिंताओं और आशंकाओं पर भी सरकार से गंभीरतापूर्वक विचार करने का आग्रह किया गया है।
ओबीसी अधिकार संरक्षण मंच ने सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप इस वर्ग की जायज मांगों पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। इसके साथ ही, सभा में यह भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस जनआंदोलन को और अधिक मजबूत और व्यापक बनाने के लिए बहुत जल्द क्षेत्र में एक और इससे भी बड़ी विशाल बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ा जा सके।