सोलन: राजकीय महाविद्यालय सोलन के हिंदी विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर विविध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर हिंदी भाषा और समृद्ध साहित्य के प्रति गहरी रुचि, अगाध प्रेम और गौरव की भावना विकसित करना तथा उनकी छिपी हुई रचनात्मक प्रतिभा को एक बेहतरीन मंच प्रदान करना रहा। यह पूरा सफल कार्यक्रम हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका भारद्वाज के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें उनके सहकर्मी डॉ. दीपा भंडारी ने भी पूरा सहयोग दिया।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर छात्र-छात्राओं के लिए भाषण प्रतियोगिता, काव्य-पाठ, समूहगान, दोहा गायन और चित्रकला जैसी कई आकर्षक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। भाषण प्रतियोगिता में भूमिका (द्वितीय वर्ष) ने प्रथम स्थान, सुजल (तृतीय वर्ष) ने द्वितीय स्थान तथा स्नेहा (तृतीय वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। काव्य-पाठ प्रतियोगिता में रोहित (तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान, निहारिका (द्वितीय वर्ष) ने द्वितीय स्थान तथा साक्षी (द्वितीय वर्ष) ने तृतीय स्थान हासिल किया। चित्रकला प्रतियोगिता में मोहित (तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान, हर्ष (द्वितीय वर्ष) ने द्वितीय स्थान तथा विनीत (तृतीय वर्ष) ने तृतीय स्थान अपने नाम किया।
इसके अलावा, समूहगान एवं दोहा गायन प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सबका मन मोह लिया। इन सभी प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष मूल्यांकन और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए डॉ. तनिंद्रा, डॉ. मनोज ठाकुर और डॉ. रमेश ने निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राचार्या और शिक्षकों की उपस्थिति
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी केवल आपसी बातचीत या संवाद का एक माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन संस्कृति, गहरी संवेदना और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत की सबसे सशक्त अभिव्यक्ति है। हिंदी सीधे तौर पर हमारी पहचान और हमारी भावनाओं से जुड़ी हुई भाषा है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति की क्षमता को निखारने के साथ-साथ उनमें अपनी मातृभाषा और संस्कृति के प्रति आत्मीयता का भाव भी जागृत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण प्रोफेसर निवेदिता पाठक, प्रोफेसर रेणुबाला, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. अनिल ठाकुर, प्रोफेसर रीना चौहान, प्रोफेसर भुवनेश्वरी, डॉ. भारती गुप्ता सहित लगभग 250 विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग की ओर से मुख्य अतिथि, समस्त शिक्षकों, निर्णायक मंडल और सभी विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।