सोलन: सोलन शहर के आंजी सेरी क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक 29 वर्षीय विवाहित महिला ने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, वहीं उसकी छह माह की दुधमुंही बच्ची की पानी से भरी बाल्टी में सिर के बल डूबने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी फैल गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत दिवस मृतका के पिता श्री हरिंदर बिष्ट निवासी आंजी सेरी, सोलन ने पुलिस चौकी सपरून को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है और उनकी छह माह की नातिन की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी सपरून की टीम तत्काल मौके पर पहुँची।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि एक महिला कमरे के अंदर पंखे की कुंडी से चुन्नी के फंदे के सहारे लटकी हुई थी, जबकि एक छोटी बच्ची डबल बेड पर मृत अवस्था में पड़ी थी। मृतका की पहचान परिशिका कौंडल पत्नी आशुतोष कौंडल, निवासी ग्राम व डाकघर नम्होल, तहसील एवं जिला बिलासपुर, उम्र 29 वर्ष के रूप में हुई। वहीं, मृत बच्ची की पहचान उनकी छह माह की पुत्री शैलजा कौंडल के रूप में की गई।
पुलिस की शुरुआती जाँच में सामने आया है कि मृतका परिशिका कौंडल की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नम्होल निवासी आशुतोष कौंडल के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर अनबन और मनमुटाव चल रहा था। मृतका के परिजनों के अनुसार, गत 20 सितंबर को परिशिका ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि उसका पति उसे काफी परेशान करता है और वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। इसी तनाव के चलते वह अपनी बेटी को लेकर अपने पिता के साथ सोलन के आंजी सेरी स्थित क्वार्टर में आ गई थी।
घटना के दिन मृतका की छोटी बहन बाजार गई हुई थी और उसके पिता अपनी ड्यूटी के सिलसिले में धर्मपुर गए हुए थे। जब छोटी बहन वापस क्वार्टर लौटी, तो दरवाजा अंदर से बंद था और खिड़कियों के पर्दे भी गिरे हुए थे। बार-बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो उसने तुरंत अपने पिता को इसकी सूचना दी।
पिता के मौके पर पहुँचकर खिड़की की जाली में छेद कर कुंडी खोली और अंदर झाँका, तो उन्होंने अपनी बेटी को फंदे पर लटका पाया और छह माह की नातिन शैलजा पानी से भरी बाल्टी में सिर के बल मृत अवस्था में पड़ी हुई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने वाली विशेष टीम (SFSL) जुंगा को बुलाया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद दोनों शवों को पुलिस कब्जे में लेकर प्रारंभिक जाँच हेतु क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुँचाया गया, जहाँ से चिकित्सकों ने मामले की नजाकत को देखते हुए दोनों शवों को आगामी पोस्टमार्टम के लिए IGMC शिमला रेफर कर दिया।
आज IGMC शिमला में दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया तथा विसरा सुरक्षित रखकर जांच हेतु SFSL भेजा जा रहा है। पुलिस थाना सदर सोलन में आत्महत्या और इस त्रासदी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शवों को अंतिम दाह-संस्कार के लिए उनके वारिसों को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अत्यंत प्राथमिकता के साथ गहनता से जाँच कर रही है।