शिमला: हिमाचल प्रदेश में रविवार को 51 शहरी निकायों के सामान्य निर्वाचन के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। मतदान केंद्रों पर पहुंचे नागरिकों का कहना था कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है और उन्होंने आज अपने इस फर्ज को निभाया है। इस बार शहरी निकायों के चुनाव में कुल 69.16 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस बार जिलों में हमीरपुर जिला सर्वाधिक लगभग 78 फीसदी मतदान के साथ शीर्ष पर रहा। इसके विपरीत, सोलन जिले में सबसे कम (न्यूनतम) लगभग 64 फीसदी मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। यदि किसी एकल शहरी निकाय की बात की जाए, तो श्री नयना देवी जी शहरी निकाय में सबसे ज्यादा लगभग 86 फीसदी बंपर वोटिंग रिकॉर्ड की गई।
शहरी निकायों के इस सामान्य निर्वाचन के लिए राज्य में चुनावी शंखनाद 21 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ हुआ था। निर्धारित निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 6 मई को नामांकन पत्रों की वापसी के बाद चुनाव लड़ रहे सभी अभ्यर्थियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए थे।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आयोग को कुल 1,426 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे। स्क्रूटनी (जांच) के दौरान इनमें से 32 नामांकन पत्र विभिन्न कमियों के चलते अस्वीकृत कर दिए गए, जबकि 1,394 नामांकन पत्रों को सही पाया गया। नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन 237 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए, जिसके बाद अंततः 1,147 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाने उतरे।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, रविवार को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक चले मतदान के ठीक बाद काउंटिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत 47 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणाम आज ही घोषित किए जा रहे हैं।
हालांकि, राज्य के 4 नगर निगमों के लिए डाले गए मतों की गणना और उनके आधिकारिक परिणाम घोषित करने की पूरी प्रक्रिया 31 मई को संपन्न की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रही, जिसके चलते कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।