शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों, युवाओं, किसानों और बागवानों के हित में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों में 5,000 से अधिक नए पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टर (एनपीए): चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम, एम.सीएच. तथा डीआरएनबी योग्यता प्राप्त सुपर-स्पेशियलिटी संकाय सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
मेडिकल पीजी छात्र (स्टाइपेंड वृद्धि): स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी की गई है। अब प्रथम वर्ष के छात्रों को ₹40,000 के बजाय ₹50,000, द्वितीय वर्ष के छात्रों को ₹45,000 के स्थान पर ₹60,000 तथा तृतीय वर्ष के छात्रों को ₹50,000 के बदले ₹65,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
आशा कार्यकर्ता: स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय को 1 अप्रैल, 2026 से ₹5,800 से बढ़ाकर ₹6,800 प्रतिमाह कर दिया गया है।
नंबरदार: नंबरदारों के मासिक मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी कर इसे ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने को स्वीकृति दी गई।
अंशकालिक पंचायत चौकीदार: 31 अगस्त, 2022 से 31 मार्च, 2026 के बीच 12 वर्ष या इससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को अब निश्चित मानदेय के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी (Daily Wager) बनाया जाएगा।
पीडब्लूडी जूनियर इंजीनियर (भत्ता): लोक निर्माण विभाग के लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियरों को ‘वर्क्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ₹1,000 प्रतिमाह विशेष भत्ता दिया जाएगा।
स्कूलों में 3,950 पद: राज्य के 1,975 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षा और व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एक-एक चौकीदार और एक-एक मल्टी-टास्क वर्कर सहित कुल 3,950 कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।
पुलिस विभाग (आयु सीमा में छूट): पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल के 800 पदों पर होने वाली भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट प्रदान की गई है।
ग्राम पंचायतों में मल्टी-टास्क वर्कर: प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में मल्टी-टास्क वर्कर के 400 पद भरे जाएंगे।
शिक्षा विभाग: जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के 200 पद मंजूर किए गए हैं।
नूरपुर पुलिस जिला: नवगठित पुलिस जिला नूरपुर की पुलिस लाइनों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 102 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
तकनीकी सहायक (जॉब ट्रेनी): जिला परिषदों के अधीन ग्राम पंचायतों के लिए 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट नियुक्त किए जाएंगे।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग: आईजीएमसी शिमला, टांडा और अन्य मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस तकनीशियन के 30 पद (आईजीएमसी व चमियाना में 10 और हमीरपुर, मंडी, चम्बा, नाहन में 5-5 पद) भरे जाएंगे। टांडा मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के तहत सहायक प्रोफेसर के 2 पद सृजित होंगे।
अन्य विभाग: पंचायती राज विभाग में ऑडिटर के 6, जेओए (आईटी) के 9 और मल्टी-टास्क वर्कर के 20 पद भरे जाएंगे। मत्स्य विभाग में पशु पालन अधिकारी के 6 और सब-इंस्पेक्टर के 4 पद; योजना विभाग में योजना अधिकारी व सहायक अनुसंधान अधिकारी के 3-3 पद; अर्थशास्त्र विभाग में जेओए (आईटी) के 5 पद और लघु बचत विभाग में 10 पद भरे जाएंगे।
खेल एवं पर्यटन: नादौन के खरीड़ी स्थित राज्य स्तरीय खेल उत्कृष्टता केंद्र के लिए 48 पद, नादौन एक्वा पार्क के लिए 15 पद, जुब्बल खेल विद्यालय में 4 कोच व 1 वार्डन, और मनाली पर्वतारोहण संस्थान में स्की व पर्वतारोहण प्रशिक्षकों के 2-2 पद भरे जाएंगे।
सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति: नई सड़क परियोजनाओं में दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने और ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्रों) में सुधार के लिए ‘सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति’ को मंजूरी दी गई।
शिक्षा एवं शिक्षक पुरस्कार नीति: राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की नकद राशि ₹60,000 से बढ़ाकर ₹1.50 लाख तथा राज्य पुरस्कार विजेताओं की राशि ₹40,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख की गई है। हालांकि, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अब सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) नहीं दिया जाएगा।
स्वास्थ्य अवसंरचना: आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में बी.एससी. मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी) और बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी कोर्स शुरू होंगे (प्रत्येक में 30-30 सीटें)। टांडा, मंडी, ऊना, घवांडल और चमियाना में स्थापित हो रहे पांच क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान: हमीरपुर जिले के नादौन (धनेटा) में इस भव्य संस्थान की स्थापना के लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की जाएगी।
पीजी/सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टर नीति में बदलाव: चमियाना (AIIMS) और अन्य मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठ रेजिडेंट या रेडियोडायग्नोसिस विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को अनिवार्य फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी। इसे 6 वर्षों के लिए प्रभावी किया गया है।
पीडब्लूडी डिवीजन का स्थानांतरण: लोक निर्माण विभाग के डिवीजन नंबर-2 को बिलासपुर शहर से जगातखाना स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
विकासनगर वाणिज्यिक परिसर: शिमला के विकासनगर में पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत एक बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही ‘जाठिया देवी माउंटेन सिटी, शिमला हिल्स’ के विकास को भी अनुमति दी गई।
मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि: जलाशय मछुआरा परिवारों को मछली पकड़ने के प्रतिबंधित सीजन के दौरान ₹3,500 की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मछुआरों को नाव खरीद पर 70 प्रतिशत अनुदान और फिशिंग गियर (Cast Net & Gill Net) पर 90 प्रतिशत अनुदान डीबीटी (DBT) के माध्यम से दिया जाएगा।
कोल्ड चेन व अवसंरचना विकास: कृषि-बागवानी उत्पाद खराब होने से बचाने के लिए 20 कोल्ड स्टोरेज इकाइयों (5 मीट्रिक टन प्रत्येक), 10 फ्रीज़-ड्राई इकाइयों और 20 रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर डीबीटी के माध्यम से 70 प्रतिशत अनुदान स्वीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना: इस योजना में संशोधन कर अब सरकारी स्कूलों के नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को मिड-डे-मील में सप्ताह में दो बार उबला हुआ अंडा या मौसमी फल दिया जाएगा।
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना: ई-टैक्सी घटक के तहत युवाओं के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 50 वर्ष कर दी गई है (न्यूनतम आयु 23 वर्ष रहेगी)।
वार जागीर अनुदान: इस सम्मान राशि को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹10,000 किया गया है।
सुरक्षा एवं न्याय: लापता बच्चों के मामलों की त्वरित ट्रैकिंग के लिए पुलिस थानों में विधिक स्वयंसेवकों (लीगल वोलेंटियर्स) की नियुक्ति की जाएगी।
फोजल जलविद्युत परियोजना: कुल्लू की इस परियोजना की क्षमता को 9 मेगावाट से बढ़ाकर 16 मेगावाट करने की अनुमति दी गई।
आयुष व स्वास्थ्य: कांगड़ा के रैत स्थित आयुर्वेदिक केंद्र को उपमंडल स्तर के आयुष चिकित्सा कार्यालय में स्तरोन्नत किया जाएगा। शिमला के कोटी स्थित सीएचसी (CHC) को 10 बिस्तर क्षमता के अस्पताल में बदला जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों की ‘रोगी कल्याण समितियों’ को टेस्ट आदि से होने वाली आय का 50 फीसदी हिस्सा सफाई और रसायनों की खरीद पर सीधे खर्च करने का अधिकार दिया गया है।