शिमला: हिमाचल प्रदेश सीबीएसई टीचर्स एसोसिएशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशाध्यक्ष खजान सिंह के नेतृत्व में आज राजधानी शिमला में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी से विशेष भेंट की। इस दौरान एसोसिएशन ने प्रदेश में नए गठित किए गए सीबीएसई सब-कैडर से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक व नीतिगत मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया और एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।

एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष खजान सिंह ने मंत्रियों से वार्ता के दौरान मांग उठाई कि प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की प्रतिनियुक्ति को पूरी तरह से मेरिट के आधार पर ही फाइनल किया जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। सीबीएसई स्कूलों के लिए प्रधानाचार्यों की काउंसलिंग प्रक्रिया पहले ही सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। इसलिए चयनित किए गए प्रिंसिपलों के प्रतिनियुक्ति आदेश बिना किसी प्रशासनिक देरी के तत्काल जारी किए जाने चाहिए।
मांगों को सुनने के बाद तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्मानी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सरकार इस मामले के सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है और 19 जून 2026 तक इस पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
खजान सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सीबीएसई सब-कैडर स्कूलों के गठन का निर्णय राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के हित में एक दूरदर्शी कदम है। इस नीति को माननीय उच्च न्यायालय ने भी पूरी तरह वैध और जनहित में माना है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि न्यायालय ने अपने आदेशों में साफ कहा है कि सीबीएसई स्कूलों में प्रतिनियुक्तियां वन-टू-वन आधार पर होंगी, जिससे राज्य के शिक्षा विभाग में किसी भी प्रकार का असंतुलन या विसंगति उत्पन्न नहीं होगी। इसके अलावा, अदालत ने नीति के पैरा 5.5 को निरस्त करते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि जब सभी पात्र शिक्षकों को स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से समान अवसर दे दिया गया है, तो किसी विशेष वर्ग को अलग से अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा सकता। अतः नियुक्तियों का एकमात्र आधार केवल मेरिट सूची ही होना चाहिए।
एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया कि सीबीएसई सब-कैडर के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि स्कूलों में अध्यापन कार्य सुचारू रूप से चल सके और शिक्षकों के बीच व्याप्त अनिश्चितता का माहौल समाप्त हो।
खजान सिंह ने बताया कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल इस विषय को लेकर शीघ्र ही सूबे के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। आगामी 22 जून 2026 को शिक्षा सचिव के वापस कार्यभार संभालने के उपरांत उनसे भी एक शिष्टाचार भेंट की जाएगी। कैबिनेट सब-कमेटी के समक्ष पक्ष: इस विषय पर गठित प्रस्तावित कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक से ठीक पहले संघ अपने तमाम तथ्यों और वैधानिक पक्षों को सरकार के आगे प्रभावी ढंग से रखेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान डिप्टी सीएम, शिक्षा मंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने एसोसिएशन की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का पूरा भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश ठाकुर, कपिल राव, संजय, विजय, हेमंत, अमन गुलेरिया, टेक चंद और वीरेन्द्र सहित एसोसिएशन के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी व शिक्षक विशेष रूप से उपस्थित रहे।