सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के परिसर में फर्स्ट एचपी (ब्वॉयज) बटालियन सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक NCC प्रशिक्षण शिविर के दौरान कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का दौर लगातार जारी है। यह पूरा कैंप बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल राजीव थॉमस की कुशल देखरेख और कड़े अनुशासन में संचालित किया जा रहा है, जिसमें कैडेट्स को देश सेवा के साथ-साथ समसामयिक सामाजिक विषयों पर भी शिक्षित किया जा रहा है।

शिविर के एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र के दौरान साइबर इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) सोलन के हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स को वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती, यानी साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वीरेंद्र सिंह ने कैडेटों को विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों के बारे में समझाते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में हमारी सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी भी लापरवाही भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ उन्होंने युवाओं के बीच पैर पसार रहे नशे के बढ़ते खतरे पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। कैडेट्स को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसके हंसते-खेलते परिवार और सुनहरे भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर देता है। उन्होंने कैडेटों से पुरजोर आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं हर प्रकार के नशे से दूरी बनाकर रखें, बल्कि अपने मित्रों, करीबियों और पूरे समाज को भी इसके घातक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स समाज में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रतीक होते हैं, इसलिए यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे समाज के लिए एक रोल मॉडल बनकर कार्य करें।
इस ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी सत्र के अवसर पर बटालियन के सूबेदार मेजर (एसएम) सुनील कुमार राणा, ट्रेनिंग जेसीओ अतीक रहमान, नौणी यूनिवर्सिटी के एएनओ (ANO) डॉ. सुभाष शर्मा, एएनओ कमलेश, अरुण कुमार और दुष्यंत सहित सिविल स्टाफ से तेग बहादुर, धर्मेंद्र, ओम और नवीन समेत बटालियन के अन्य सैन्य व प्रशासनिक कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।