एल.आर. संस्थान में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए पौधे

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By Hills Post

सोलन: एल.आर. संस्थान के बी.एड. विभाग के प्रशिक्षुओं और राष्ट्रीय सेवा योजना के वॉलेंटियर्स द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर कॉलेज परिसर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ एक विशेष प्रार्थना सभा से हुआ, जिसमें उपस्थित सभी भावी शिक्षकों और प्राध्यापकों ने देवभूमि की धरा और पर्यावरण को स्वच्छ व सुरक्षित रखने की सामूहिक शपथ ली।

इस गरिमामयी अवसर पर बी.एड. विभाग की प्रधानाचार्या डॉ. निशा सहित संस्थान का समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ विशेष रूप से मौजूद रहा। पर्यावरण संरक्षण के इस उत्सव की औपचारिक शुरुआत एनएसएस वॉलेंटियर्स द्वारा भारत सरकार के महत्वाकांक्षी एक पेड़ माँ के नाम थीम कैंपेन के तहत की गई। इस अनूठी मुहिम का मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाना है, बल्कि धरती और समाज की सभी माताओं के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए प्रशिक्षुओं और शिक्षकों द्वारा एक-एक पौधा रोपना है। वॉलेंटियर्स ने पौधे रोपने के साथ ही उनकी दीर्घकालिक देखभाल का संकल्प भी लिया।

कॉलेज परिसर में प्रशिक्षुओं द्वारा एक शानदार नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से छात्रों ने दैनिक जीवन में फैल रहे प्रदूषण, प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग के खतरों और स्वच्छता के महत्व को बेहद सजीव ढंग से दर्शाया। नाटक को उपस्थित दर्शकों और शिक्षकों द्वारा खूब सराहा गया।

जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ छात्रों की प्रतिभा को निखारने के लिए पोस्टर मेकिंग, भाषण और ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षुओं ने कबाड़ व अपशिष्ट सामग्रियों से बेहद उपयोगी व कलात्मक वस्तुएं बनाकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में पलक की टीम ने उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, महक चौहान की टीम दूसरे (द्वितीय) तथा तंजीन की टीम तीसरे (तृतीय) स्थान पर रही। बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट प्रतियोगिता में अपशिष्ट पदार्थों के बेहतरीन रीसाइक्लिंग मॉडल के लिए छोमो की टीम ने बाजी मारते हुए पहला स्थान अपने नाम दर्ज किया। भाषण प्रतियोगिता में कृतिका कश्यप ने अपने ओजस्वी विचारों से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनन्या और रीना ने संयुक्त रूप से दूसरा (द्वितीय) स्थान झटका।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं और विजेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या डॉ. निशा ने पर्यावरण के महत्व पर गंभीर विचार सांझा किए। उन्होंने कहा की पर्यावरण केवल हमारे वर्तमान जीवन का आधार ही नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी है जिसे हमें सहेज कर रखना होगा।

उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारी समझते हुए अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए और सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह बंद कर दे, तो हम अपनी धरती को विनाश से बचाकर सुरक्षित एवं समृद्ध बना सकते हैं। उन्होंने संदेश दिया कि एक स्वच्छ पर्यावरण ही अंततः एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की असली नींव होता है।

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