सोलन: दुनिया के सबसे पुराने को-एजुकेशनल रेजिडेंशियल स्कूलों में शुमार प्रसिद्ध द लॉरेंस स्कूल, सनावर में शनिवार को अपने तीन दिवसीय 179वें फाउंडर्स डे समारोह की शानदार शुरुआत हुई। खेलकूद मुकाबलों, एलुमनी मिलन समारोह और उत्कृष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजे इस पहले दिन विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में पहुँचे ओल्ड सनावरियंस ने मिलकर स्कूल की समृद्ध परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत का जश्न मनाया।

खेल के मैदान में दिखा पुराना और नया जोश
समारोह के पहले दिन की शुरुआत स्पोर्ट्स फील्ड से हुई। पीसस्टेड में ओल्ड सनावरियंस और प्रेजेंट सनावरियंस की बालिकाओं के बीच रोमांचक बास्केटबॉल मैच खेला गया, जबकि इसके बाद बालकों के लिए ओएस और ओएस के बीच एक कड़ा फुटसल मुकाबला हुआ। इन खेल मुकाबलों ने पुराने और वर्तमान विद्यार्थियों को खेल भावना, ऊर्जा और आपसी सौहार्द के एक अनूठे मंच पर जोड़ने का काम किया।
चैपल असेंबली और जुबली बैचों का भावनात्मक पुनर्मिलन
पहले दिन का सबसे भावुक और यादगार पल 1956, 1961, 1966, 1971, 1976, 1996 और 2001 के ओल्ड सनावरियन जुबली बैचों के लिए ऐतिहासिक स्कूल चैपल में आयोजित स्पेशल असेंबली रही। इसके तुरंत बाद ‘गोल्डन स्टेयरकेस’ पर भव्य ग्रुप फोटोग्राफ्स हुए। दशकों बाद अपने पुराने स्कूल लौटे कई पूर्व विद्यार्थियों के लिए यह पल अपनी पुरानी यादों, सहपाठियों और बचपन की दोस्ती से दोबारा रूबरू होने का था। कई ओल्ड सनावरियंस के लिए यह अनुभव केवल एक सामान्य एलुमनी मीट नहीं, बल्कि अपने उस घर लौटने जैसा था जो आज भी उनके दिलों में खास जगह रखता है।

1971 बैच के ओएस विवेक मेहरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सनावर केवल वह स्कूल नहीं है जहाँ हमने शिक्षा प्राप्त की, बल्कि यह हमारी जिंदगी का वह जीवंत अध्याय है जो आज भी हमारे भीतर सांस ले रहा है। जुबली के मौके पर यहाँ लौटकर वे सुनहरी यादें ताजा हो गईं, जिन्हें समय भी नहीं मिटा सका। वहीं, 2001 बैच के ओएस मनीत सिंह ने कहा कि साल भले ही बीत गए हों, लेकिन सनावर की आबोहवा में आकर ऐसा महसूस होता है कि कुछ रिश्ते कभी नहीं बदलते। चैपल असेंबली ने हमें अपने पुराने दोस्तों से फिर जुड़ने का खूबसूरत अवसर दिया है।
वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
जुबली बैचों के प्रतिनिधियों ने विद्यालय के वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन ओल्ड सनावरियंस को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। इस दौरान 1966 बैच के सदस्यों ने अपने महान पूर्व सहपाठी, परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल को भी विशेष रूप से पुष्पांजलि अर्पित की और देश के लिए उनके अतुलनीय त्याग को याद किया।
कोर्टरूम ड्रामा 12 एंग्री मेन’ की शानदार प्रस्तुति
शाम के सत्र में बार्ने हॉल में आयोजित विशेष स्कूल कॉन्सर्ट ने सभी का मन मोह लिया। इसमें विद्यार्थियों ने क्लासिक कोर्टरूम ड्रामा 12 एंग्री मेन (12 Angry Men) का शानदार मंचन किया। इस नाटक के माध्यम से न्याय, आलोचनात्मक सोच, पूर्वाग्रह और सामाजिक धारणाओं पर सवाल उठाने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा गया। इस प्रस्तुति ने स्वतंत्र सोच, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेने जैसे नैतिक मूल्यों को गहराई से रेखांकित किया।
आगे के कार्यक्रम
समारोह के दूसरे दिन रविवार को एनुअल एथलेटिक मीट, एनुअल प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन, स्कूल फेट, कॉन्सर्ट तथा आकर्षक टैटू लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय भव्य उत्सव का समापन सोमवार को मुख्य अतिथि के रूप में पधार रहे चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक ‘ट्रूपिंग ऑफ द स्कूल फ्लैग’ के साथ होगा।
सनावर की भावना और परंपराओं का उत्सव
स्कूल की हेडमिस्ट्रेस रुचि प्रधान दत्ता ने इस अवसर पर कहा कि फाउंडर्स डे सनावर की मूल भावना, उसकी महान परंपराओं और उन शाश्वत मूल्यों का उत्सव है, जिन्होंने वर्षों से इस संस्थान को गढ़ा है। यह हम सबके लिए एक साथ आने और अपनी साझा विरासत का जश्न मनाने का बेहतरीन मौका है।
ओल्ड सनावरियंस सोसाइटी के अध्यक्ष ब्रिगेडियर आदर्श बुटेल (सेवानिवृत्त) ने भी कहा कि यह आयोजन हमें सनावर की उन गहरी दोस्तियों और यादों को संजोने का अवसर देता है जो दशकों बाद भी उतनी ही प्रगाढ़ हैं।