नाहन : ऐतिहासिक कच्चा टैंक के MES (श्री राधा कृष्ण) मंदिर में इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सादगी और शोक के वातावरण में मनाया जा रहा है। नाहन में तैनात सेना की 2 पैरा (स्पेशल फोर्सेज) की टुकड़ी के जवानों के हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में डूब जाने के अत्यंत दुखद हादसे के बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस वर्ष जन्माष्टमी पर आयोजित होने वाले मेले, विशेष सजावट और भजन-कीर्तन के सभी कार्यक्रमों को रद्द करने का निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि कच्चा टैंक स्थित यह प्राचीन MES (श्री राधा कृष्ण) मंदिर भारतीय सेना (आर्मी) के अधीन आता है। नाहन में तैनात 2 पैरा के जवानों के साथ हुई इस असामयिक व दुखद दुर्घटना से सेना परिसर, मंदिर प्रबंधन और पूरे नाहन शहर में गहरा शोक व्याप्त है।

मंदिर के पुजारी तथा कीर्तन मंडली की सक्रिय सदस्य सुमित्रा सिंगटा और सुनीता पुंडीर ने बताया कि हर वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कच्चा टैंक स्थित MES मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन होता था। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी व फूलों से सजाया जाता था और रात्रि में विशाल भजन-कीर्तन का आयोजन होता था, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।
उन्होंने बताया कि चूंकि यह मंदिर सेना के प्रशासन के अंतर्गत आता है और नाहन में तैनात 2 पैरा के जवानों के साथ हुए इस दुखद हादसे से हर कोई स्तब्ध है, इसलिए इस बार किसी भी प्रकार का उत्सव, मेला, सजावट या भजन-कीर्तन आयोजित नहीं किया जा रहा है। मंदिर में आज केवल पारंपरिक और साधारण पूजा-अर्चना ही की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन ने सेना के जवानों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके शोक संतप्त परिवारों को यह असह्य दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।