नाहन : सिरमौर रियासत की राजधानी रहे नाहन शहर का इतिहास जितना समृद्ध है, उतनी ही गौरवशाली यहाँ की रियासत कालीन संस्थाएं भी रही हैं। रियासत काल में सामाजिक मेलजोल और खेलकूद का मुख्य केंद्र रहे ऐतिहासिक ‘सुरेंद्रा क्लब’ आज प्रशासनिक अनदेखी के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।
इस विषय में जब हिल्स पोस्ट मीडिया ने पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह से विशेष बातचीत की, तो उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर के स्वर्णिम अतीत और वर्तमान की दयनीय स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया।

कंवर अजय बहादुर सिंह ने बताया कि रियासत काल में महाराजा शमशेर प्रकाश जी ने नाहन में ‘शमशेर क्लब’ की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य राजघराने के सदस्यों, शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मेलजोल बढ़ाने, सामाजिक गतिविधियों और खेल-कूद को बढ़ावा देना था। यह क्लब गुरुद्वारे के पास स्थित परिसर में संचालित होता था। कालक्रम में महाराजा सुरेंद्र प्रकाश के कार्यकाल में ‘सुरेंद्र क्लब’ की स्थापना की गई। रियासत काल में इस क्लब में बिलियर्ड्स टेबल और बजरी का टेनिस कोर्ट जैसी उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध थीं। क्लब के संचालन के लिए बाकायदा नियम, सदस्यता शुल्क और एक संविधान निर्धारित किया गया था।
रियासत के विलय के बाद भी यह परंपरा जारी रही। ‘हिज हाइनेस एकादश’ बनाम ‘गवर्नर एकादश’ या ‘आईजी एकादश’ के बीच होने वाले ऐतिहासिक क्रिकेट मैचों के दौरान क्लब द्वारा लंच और अन्य भव्य व्यवस्थाएं की जाती थीं। कालांतर में जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक इसके अध्यक्ष बनकर कार्यकारिणी का संचालन करते रहे। बाद में नागरिक समाज के लोगों को भी अध्यक्ष बनने का अवसर दिया गया और क्लब के दरवाजे सभी के लिए खोल दिए गए।
पूर्व विधायक ने बताया कि समय बीतने के साथ जब क्लब की सदस्यता की जांच और स्क्रूटनी बंद हो गई, तो हर तरह के लोगों के प्रवेश से क्लब का मूल माहौल प्रभावित होने लगा। बाद में यहाँ बार का लाइसेंस मिलने और शराब की बिक्री शुरू होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आए दिन होने वाले हंगामे और असामाजिक माहौल के कारण धीरे-धीरे क्लब की कार्यप्रणाली लगभग ठप्प हो गई और आम व संभ्रांत लोगों ने यहाँ आना बंद कर दिया।
कंवर अजय बहादुर सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासनिक अनदेखी के कारण आज यह ऐतिहासिक भवन पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। इमारत के खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं। सबसे दुखद बात यह है कि महाराजा द्वारा भेंट की गई कीमती बिलियर्ड्स टेबल को जलाकर नष्ट कर दिया गया, जबकि क्लब का कीमती सामान और क्रॉकरी चोरी हो चुके हैं। देखभाल न होने के कारण यह परिसर अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है।
पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि इस ऐतिहासिक संपत्ति, इसकी जमीनों और दुकानों का तुरंत उचित ऑडिट व लेखा-जोखा तैयार किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि समय रहते इस ऐतिहासिक ढांचे और प्राइम प्रॉपर्टी का संरक्षण व पुनरुद्धार नहीं किया गया, तो रियासत कालीन सोशलाइजिंग की यह अनमोल धरोहर हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दफन हो जाएगी।