नाहन : जिला सिरमौर में आगामी भीषण गर्मी और मानसून के मौसम को देखते हुए जल शक्ति विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। विभाग ने पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इस तैयारियों के संबंध में जानकारी साझा करते हुए जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि विभाग का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बिना किसी बाधा के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, ताकि गर्मियों के दौरान किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि वर्तमान में जिले भर में विभाग के अधीन आने वाले पानी के टैंकों की सफाई और क्लोरिनेशन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग न केवल सरकारी संपत्तियों की सफाई सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी अपने निजी टैंकों की नियमित सफाई के लिए जागरूक कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जलजनित बीमारियों के खतरे को कम करना और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति को हर घर तक पहुँचाना है।

राहत की बात यह है कि जिला सिरमौर में संचालित विभाग की करीब 1000 पेयजल योजनाओं के जल स्रोतों में इस समय पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। गर्मियों के दौरान अक्सर पानी की किल्लत और वितरण संबंधी शिकायतें बढ़ जाती हैं, जिनसे निपटने के लिए विभाग ने हर क्षेत्र में विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं। इन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी शिकायत का निवारण अधिकतम 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।
आगामी मानसून सीजन की चुनौतियों को देखते हुए, विशेषकर नाहन शहर के लिए विभाग ने खास रणनीति बनाई है। शहर की तीनों प्रमुख जल योजनाओं को सुचारू रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि यदि बारिश या गाद के कारण किसी एक योजना में तकनीकी खराबी आए, तो अन्य दो योजनाएं बैकअप (स्टैंडबाय) के रूप में काम कर सकें। इसके अतिरिक्त, गिरी पेयजल योजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पाइपों की व्यवस्था कर दी गई है, ताकि आपात स्थिति में सप्लाई को तुरंत बहाल किया जा सके।
अंत में, अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने जिले के उपभोक्ताओं से पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी के दौरान पानी का दुरुपयोग न करें और जल संरक्षण में विभाग का सहयोग करें। विभाग की इस मुस्तैदी से उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष जिले में पानी की किल्लत का प्रभाव कम रहेगा और सुचारू आपूर्ति बनी रहेगी।