नाहन : शहर में मानसून के बीच पुराने, सूखे और जर्जर पेड़ आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं। बीते कल शाम ऐतिहासिक रानीताल परिसर में एक भारी-भरकम पेड़ अचानक गिर गया। इसके अलावा, आज आर्मी कैंट जाने वाले रास्ते पर भी पेड़ गिरने से मार्ग बाधित होने की स्थिति बनी। राहत की बात यह रही कि दोनों हादसों के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद आज नगर परिषद नाहन की अध्यक्षा उपमा धीमान ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
मौके का दौरा करने के बाद नगर परिषद अध्यक्षा उपमा धीमान ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई भारी-भरकम और जर्जर पेड़ खड़े हैं, जो बरसात के मौसम में कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय नागरिकों की ओर से भी सूखे व खतरनाक पेड़ों को हटाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर परिषद जल्द ही नाहन शहर में ऐसे सभी संदेहास्पद और खतरा बन चुके पेड़ों को चिन्हित करने का अभियान शुरू करेगी। इसके बाद जिला प्रशासन और वन विभाग के साथ बैठक कर आवश्यकतानुसार पेड़ों की कटाई और ट्रिमिंग करवाई जाएगी, ताकि मानसून के दौरान नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अध्यक्षा ने नाहन वासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के घर या मोहल्ले के आसपास कोई पेड़ या उसकी शाखाएं खतरे का सबब बन रही हों, तो इसकी सूचना तुरंत नगर परिषद कार्यालय को दें। उन्होंने दोहराया कि आम जनता की सुरक्षा नगर परिषद की पहली प्राथमिकता है और इस दिशा में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।