नेरी कॉलेज को मिला राष्ट्रीय पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026

Photo of author

By Hills Post

हमीरपुर: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अंतर्गत संचालित औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, नेरी के नाम एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि जुड़ी है। पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कॉलेज को प्रतिष्ठित पर्यावरण चैंपियन अवार्ड 2026 से नवाजा गया है।

नेरी महाविद्यालय को यह पुरस्कार पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण की दिशा में लगातार चलाए गए विशेष अभियानों के लिए मिला है, जिसमें मुख्य रूप से सड़कों के किनारे व्यापक स्तर पर किया गया वृक्षारोपण, सड़कों के किनारे व्यापक स्तर पर किया गया वृक्षारोपण, गाजर घास (पार्थेनियम) के उन्मूलन शामिल हैं।

यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्रालय (भारत सरकार) के अंतर्गत संचालित ‘नमामि गंगे मिशन’ तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पूरे देश से 100 से अधिक शीर्ष शिक्षण व अनुसंधान संस्थानों के नामांकन प्राप्त हुए थे। एक बेहद कठिन और कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद देशभर से केवल 9 उत्कृष्ट संस्थानों का चयन किया गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश के नेरी कॉलेज ने अपनी जगह बनाकर प्रदेश का मान बढ़ाया।

उत्तराखंड में आयोजित इस भव्य राष्ट्रीय समारोह के दौरान प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं ऐतिहासिक ‘मैती आंदोलन’ के संस्थापक पॉलीथिन-मुक्त भारत के प्रणेता पद्मश्री कल्याण सिंह रावत तथा सुप्रसिद्ध लोकगायिका एवं उत्तराखंड की सांस्कृतिक दूत पद्मश्री माधुरी बर्थवाल ने संयुक्त रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया। महाविद्यालय की ओर से पर्यावरण विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. यशस्वी ठाकुर ने मंच पर जाकर यह गौरवपूर्ण पुरस्कार ग्रहण किया।

महाविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस बड़ी पहचान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच. एस. बवेजा ने नेरी कॉलेज के सभी प्राध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को बधाई दी है।

कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. डी. पी. शर्मा ने भी इस गौरवपूर्ण पल पर प्रसन्नता साझा करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान पूरे नेरी कॉलेज परिवार के सामूहिक प्रयासों, कड़ी मेहनत और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिणाम है। यह पुरस्कार संस्थान को भविष्य में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए और अधिक जिम्मेदारी से कार्य करने की प्रेरणा देगा।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।