नाहन : पांवटा साहिब उपमंडल के तहत बद्रीपुर चौक से संतोखगढ़ होते हुए पुरूवाला कांसीपुर मार्ग और जाम्बू खाला पुल पर अब भारी मालवाहक व माइनिंग वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। लगातार मिल रही जनशिकायतों, क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और जर्जर होते जाम्बू खाला पुल को संभावित खतरे से बचाने के लिए जिला दंडाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेशों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग पांवटा साहिब के अधिशासी अभियंता ने रिपोर्ट सौंपी थी कि जाम्बू खाला पर बना पुल भारी माइनिंग ट्रकों और ओवरलोडेड मालवाहकों का भार सहने के अनुकूल नहीं है। इस मार्ग से भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण पुल के क्षतिग्रस्त होने, टूट जाने तथा जान-माल के भारी नुकसान की गंभीर आशंका बनी हुई थी।

इसके साथ ही डीएसपी पांवटा साहिब और एसडीएम पांवटा साहिब की रिपोर्ट में यह सामने आया कि संतोखगढ़ रिहायशी इलाके से भारी खनन ट्रकों की आवाजाही के कारण भारी ट्रैफिक जाम, अत्यधिक शोर (ध्वनि प्रदूषण) और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा था। क्षेत्र की शांति व्यवस्था और आम जनता की सुरक्षा के दृष्टिगत प्रशासन ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है।
जिला दंडाधिकारी सिरमौर प्रियंका वर्मा द्वारा जारी आदेशानुसार, बद्रीपुर चौक से संतोखगढ़ होते हुए पुरूवाला कांसीपुर मार्ग तथा जाम्बू खाला पुल से खनन सामग्री (चाहे खाली हों या भरे) ले जाने वाले ट्रकों, टिपरों, डंपरों, मल्टी-एक्सल वाहनों और अन्य सभी प्रकार के भारी मालवाहकों की दोनों तरफ से आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब इन सभी वाहनों को केवल निर्धारित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-907) से ही गुजरने की अनुमति होगी।
आदेशों के कड़ाई से पालन के लिए पुलिस विभाग को चिन्हित स्थानों और चौकों पर तुरंत पुलिस नाके व बैरिकेड्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को पुल के दोनों तरफ तथा मुख्य मोड़ों पर लोड लिमिट बोर्ड, ट्रैफिक साइन और चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश जारी हुए हैं। जिला दंडाधिकारी ने सख्त चेतावनी दी है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और खनन व्यवसायियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।