शिमला: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का शिमला जिले के रोहड़ू और रामपुर विधानसभा क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा ऐतिहासिक रहा। एक से तीन अक्तूबर तक चले इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं, बल्कि ‘सरकार गांव के द्वार’ की परिकल्पना को साकार करते हुए दूरदराज के ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस महत्वपूर्ण दौरे पर मुख्यमंत्री ने रोहड़ू क्षेत्र को 182.87 करोड़ रुपये की 61 विकास परियोजनाओं और रामपुर क्षेत्र को 232.93 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी।

इस दौरे की सबसे विशेष बात मुख्यमंत्री का पहाड़ी भौगोलिक चुनौतियों के बीच दुर्गम क्षेत्रों में समय बिताना रहा। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने रोहड़ू के अत्यंत दूरदराज क्षेत्र भटवाड़ी और रामपुर के काशा-पाट में रात्रि प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के जीवन को करीब से समझा, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सरकार का समाज के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि विकास केवल सुविधासंपन्न शहरों तक सीमित नहीं रहेगा।
जनभावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। चिड़गांव में आयोजित एक विशाल जनसभा में किसानों और बागवानों के हित में मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब के खरीद मूल्य में एक रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई, जिससे अब सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इसके साथ ही एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया। क्षेत्र के सेब बागवानों को मंडियों तक अपनी उपज पहुंचाने में सुविधा के लिए टिक्कर-जरोल-गाहन सड़क के निर्माण हेतु 36 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संदासू को अपग्रेड कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय के लिए सर्वे करवाने की भी घोषणा की गई। भटवाड़ी में मुख्यमंत्री ने महिला मंडलों को पांच-पांच लाख रुपये, पेखा-दिऊदी महिला मंडल भवन के लिए पांच लाख रुपये और चिंगवाड़ी सड़क के लिए 20 लाख रुपये देने का ऐलान किया। साथ ही बरशील पुल को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन दिया और काशा-पाट से तकलेच होते हुए रामपुर तक बस सेवा शुरू करने की बात कही।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और युवाओं से संवाद इस दौरे का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रहा। रोहड़ू के पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, काशा-पाट और रामपुर बुशहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रचौली के विद्यार्थियों से सीधे संवाद के दौरान उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने इन तीनों जगहों पर नए स्कूल भवन निर्माण के लिए दो-दो करोड़ रुपये की राशि तुरंत मंजूर की। ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा मुहैया करवाने के उद्देश्य से जांगला, चिड़गांव, धमवाड़ी और तकलेच स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड के अंतर्गत लाने की अहम घोषणा भी की गई। इसके अतिरिक्त, युवाओं को नशे से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने रोहड़ू और रामपुर दोनों क्षेत्रों में ‘एंटी चिट्टा रैली’ में भाग लेकर प्रदेश को नशामुक्त बनाने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।
श्रमिकों और कामगारों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रामपुर के नोगली में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1,471 पंजीकृत श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को 5,78,81,725 रुपये की वित्तीय सहायता भी वितरित की। मुख्यमंत्री का यह सघन दौरा यह स्पष्ट करता है कि प्रदेश सरकार की नीतियां केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य दूरस्थ गांवों की शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आर्थिकी को मजबूत कर आम जनता के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।