शिमला: राजकीय गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा, चौड़ा मैदान, शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की अंतर-महाविद्यालय ग्रुप-1 (क्रीएविटी) प्रतियोगिता का आज बेहद रंगारंग और गरिमामयी माहौल में भव्य शुभारंभ हो गया। आगामी 16 से 18 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय युवा उत्सव के पहले दिन प्रदेशभर के विभिन्न महाविद्यालयों से पहुंचे लगभग 600 युवा कलाकारों और प्रतिभागियों ने अपनी अनूठी कला और बौद्धिक कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।

उद्घाटन समारोह और अतिथियों की उपस्थिति
इस प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन हिमाचल प्रदेश की उच्च शिक्षा निदेशक, प्रो. सुनीता सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर युवा सेवा एवं खेल विभाग, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. संजय शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला (आरकेएमवी) की प्राचार्या डॉ. अनुरीता सक्सेना के साथ डॉ. लक्ष्मी सिंधु, डॉ. गीता शर्मा और डॉ. इशिता चौहान ने भी समारोह की विशेष शोभा बढ़ाई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने अपने स्वागत संबोधन में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों और विभिन्न महाविद्यालयों से पधारे दल प्रभारियों (कॉन्टिनजेंट इंचार्ज) का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कोटशेरा महाविद्यालय के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि वह इतने बड़े प्रदेश-स्तरीय आयोजन का केंद्र बना है। उन्होंने विद्यार्थियों को युवा महोत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा उन्हें अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को पूरी ऊर्जा के साथ प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि प्रो. सुनीता सिंह के प्रेरक विचार
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. सुनीता सिंह ने कोटशेरा महाविद्यालय की इस शानदार मेजबानी की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और बौद्धिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए रीढ़ की हड्डी के समान हैं। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण इस भव्य मंच पर अपनी कला और विचारों को बेबाकी से प्रस्तुत करना होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर अटूट विश्वास रखने की प्रेरणा दी और कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से महाविद्यालयों को भविष्य के प्रतिभाशाली कलाकार, वक्ता और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा मिलते हैं।
निर्णायक मंडल और विभिन्न स्पर्धाओं का शुभारंभ
इस तीन दिवसीय युवा महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश से प्रो. निरुपमा सिंह, तथा चितकारा विश्वविद्यालय से प्रो. रंजन कुमार मलिक, प्रो. श्रीराम शर्मा, प्रो. खेम राज और प्रो. भरत को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया है।
उद्घाटन के तुरंत बाद निर्धारित स्पर्धाओं का सिलसिला आरंभ हो गया। पहले दिन हिंदी एवं अंग्रेजी में एलोकेशन, वाद-विवाद, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग और कार्टूनिंग जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें से अकेले एलोक्यूशन तथा वाद-विवाद प्रतियोगिता में कुल 56 महाविद्यालयों के प्रतिभागी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा, ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता में 35 महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मक विचारों को कैनवास पर उतारा, जबकि क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता में 24 महाविद्यालयों के युवाओं ने अपनी मूर्तिकला का हुनर दिखाया।
प्रायोजन और आगामी कार्यक्रम
आयोजन समिति ने इस भव्य उत्सव को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) का विशेष आभार व्यक्त किया है, जिनका इस आयोजन में बहुमूल्य प्रायोजन सहयोग रहा है।
आयोजन सचिव डॉ. राजीव शर्मा ने जानकारी दी कि युवा उत्सव का पहले का सत्र पूरी तरह से सफल और उत्साहजनक रहा है, तथा आगामी दो दिनों में भी युवाओं की रचनात्मकता के नए और बेहतरीन आयाम देखने को मिलेंगे।