नाहन : देश की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर बीते सोमवार को घटित हुए घटनाक्रम पर नव भारत युवा संघ ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। नाहन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान संगठन के अध्यक्ष भावन शर्मा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को पूरी तरह से अनुचित एवं दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं की आवाज़ को दबाने के लिए बल प्रयोग करना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता।
भावन शर्मा ने कहा कि सोमवार को जो परिस्थितियां उत्पन्न हुईं, वे प्रशासन की विफलता का परिणाम हैं। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते और युवाओं के असंतोष को भांपते हुए प्रशासनिक स्तर पर सही प्रबंधन किया जाता, तो ऐसी तनावपूर्ण स्थिति को सरलता से टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि युवाओं पर बल प्रयोग करने के बजाय दूरदर्शिता से काम लिया जाना चाहिए था।

भावन शर्मा ने लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में ‘संवाद’ ही सबसे प्रभावी और न्यायसंगत रास्ता होता है। उन्होंने कहा कि टकराव की जगह बातचीत से बड़े से बड़े मसले का समाधान निकाला जा सकता है। संगठन की ओर से उन्होंने सरकार से मांग की कि बिना किसी देरी के प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ सीधे संवाद का मार्ग प्रशस्त किया जाए, ताकि बल प्रयोग की नीति को छोड़कर बातचीत की मेज पर ही इस संवेदनशील मुद्दे का स्थायी और शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भावन शर्मा ने कहा कि देश के नागरिकों और विशेषकर युवाओं का मौजूदा सरकार पर अटूट विश्वास है। लोग मानते हैं कि यह सरकार उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर है। ऐसे में सरकार की भी यह नैतिक ज़िम्मेदारी बनती है कि वह युवाओं के इस विश्वास और उम्मीदों के अनुरूप ही संवेदनशीलता दिखाए। सरकार को कठोरता दिखाने के बजाय युवाओं की जायज चिंताओं को समझते हुए राष्ट्रहित में संवेदनशील निर्णय लेने चाहिए।