नाहन : जिला सिरमौर के पच्छाद उपमंडल के लोगों के परम आराध्य देव भूर्शिंग महादेव मंदिर में रविवार से श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ का भव्य आगाज हो गया है। धार्मिक उत्सव के पहले दिन क्षेत्र में एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पच्छाद उपमंडल के सैकड़ों महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।
इस भव्य और विशाल धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन मोहाना के मूल निवासी एवं सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता जेएस अत्री और उनके पुत्र अधिवक्ता विवेक अत्री द्वारा अपने परिजनों के साथ मिलकर करवाया जा रहा है। अत्री परिवार द्वारा इस महापुराण ज्ञान यज्ञ का आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और पूरे हिमाचल प्रदेश के जन-कल्याण की भावना के साथ किया जा रहा है।

धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन सुबह साढ़े दस बजे कलश यात्रा के समापन के बाद दोपहर दो से चार बजे तक मुख्य कथा का आयोजन हुआ, जिसमें विख्यात कथावाचक आचार्य व्यास चंद्रशेखर चंडी वाले ने उपस्थित भक्तों को श्रीमद्भागवत महापुराण के पहले दिन की महिमा और कथा का रसपान करवाया। कथा विश्राम के बाद शाम चार बजे से देर रात तक श्रद्धालुओं के लिए अटूट भंडारे का आयोजन किया गया और प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद रात साढ़े सात बजे से नौ बजे तक मंदिर परिसर में संध्या कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भक्तों ने भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। आचार्य व्यास चंद्रशेखर चंडी वाले आगामी 14 जून तक यहां लगातार श्रद्धालुओं को अपनी अमृतमयी वाणी से निहाल करेंगे।
आगामी दिनों के कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए मंदिर समिति ने बताया कि 8 से 13 जून तक हर दिन सुबह के समय मूल पाठ और विशेष पूजन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। इसके बाद रोजाना सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक सामूहिक भजन-संकीर्तन का दौर चलेगा, जबकि दोपहर 12:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक आचार्य व्यास द्वारा मुख्य कथा सुनाई जाएगी। प्रतिदिन की कथा की समाप्ति के बाद शाम चार बजे से देर शाम तक भक्तों के लिए भंडारा प्रसाद लगातार जारी रहेगा।
इस सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ का औपचारिक समापन 14 जून को होगा, इसी दिन सुबह 10:00 बजे हवन यज्ञ और पूर्णाहूति डाली जाएगी। इसके बाद सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे तक विशेष प्रवचन होंगे और दोपहर एक बजे से देर शाम तक महाभंडारे के साथ इस आयोजन का समापन होगा। भूर्शिंग महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष मदन मोहन अत्री ने सिरमौर जिला सहित तमाम क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से इस पावन कथा में सपरिवार पहुंचकर पुण्य का भागीदार बनने की अपील की है।