नाहन : लाडली फाउंडेशन हिमाचल प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा से औपचारिक शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने हिमाचली परंपरा और संस्कृति का निर्वहन करते हुए उपायुक्त को हिमाचली टोपी, हिमाचली शॉल और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।
यह शिष्टाचार भेंट लाडली फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष शालू अख्तर तथा जिला सिरमौर इकाई की प्रधान जीनत खान की संयुक्त अगुवाई में संपन्न हुई।

भेंट के दौरान महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने लाडली फाउंडेशन की ‘लाडली स्वरोजगार योजना’ के अंतर्गत “सशक्त महिला, सशक्त हिमाचल” थीम पर आधारित आधिकारिक पोस्टर को लॉन्च किया।
योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए लाडली फाउंडेशन की राज्य अध्यक्ष शालू अख्तर ने बताया कि लाडली स्वरोजगार योजना विशेष रूप से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए तैयार की गई है। इस पहल के माध्यम से महिलाओं द्वारा स्वयं तैयार की गई सामग्रियों और उत्पादों को बाजार से जोड़कर बेचने के अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे सम्मानजनक आजीविका कमा सकें।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने लाडली फाउंडेशन द्वारा पिछले 15 वर्षों से समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में चलाए जा रहे सेवा कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त के समक्ष रखी और उन्हें संस्था की गतिविधियों से अवगत कराया।
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने लाडली स्वरोजगार योजना के सफल संचालन हेतु लाडली फाउंडेशन की पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएँ दीं। संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण/निरंकार सेवा है” और समाज के उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहना चाहिए।
इस अवसर पर लाडली फाउंडेशन की प्रदेश अध्यक्ष शालू अख्तर और सिरमौर जिला प्रधान जीनत खान के अलावा संस्था की पदाधिकारी दीक्षा शर्मा, उपासना वर्मा सहित अन्य सदस्य विशेष रूप से मौजूद रहे।